आर्य समाज ए टी एस इंद्रापुरम की वैदिक गोष्ठी सम्पन्न


धनसिंह—समीक्षा न्यूज
वेद सब सत्य विद्याओं का आधार है- डॉ कल्पना रस्तोगी
अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का संकल्प लें-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य
गाज़ियाबाद। सोमवार को आर्य समाज एटीएस इंदिरापुरम के तत्वावधान में "विजय दशमी का वैदिक स्वरूप" पर गोष्ठी का आयोजन गूगल मीट पर किया गया।अध्यक्षता आर्य नेता यशोवीर आर्य ने की व संचालन देवेन्द्र गुप्ता ने किया।
वैदिक विद्वान डॉ कल्पना रस्तोगी ने कहा कि धर्म अर्थ,काम,मोक्ष वैदिक संस्कृति का आधार है। जिन शुभ कार्यों को या आचरणों के द्वारा भौतिक उन्नति करते हुए मोक्ष प्राप्त किया जा सके वही धर्म है।वैदिक संस्कृति में धर्म अर्जन को श्रेष्ठ बताया गया है।वैदिक संस्कृति में बाल्य काल से ही बच्चों को संस्कारित किया जाता है कि वे लोभ से ग्रसित न हों और समाज निर्माण मे अपना योगदान दें।वेदों के ज्ञान से ही ये सब सम्भव है।आज कोरोना काल मे लोग तनावग्रस्त है और अधिक से अधिक धन खर्च कर किसी भी प्रकार मानसिक शांति की खोज में इधर उधर घूम रहे है किंतु सकारात्मक सोच,वैदिक जीवन शैली हमारे वेदों में वर्णित है आज पुनः अपने वैदिक विचारधारा की वापिस लौटने की आवश्यकता है।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि संसार में सुख शान्ति वेदों के मार्ग पर ही मिल सकती है।वेद सृष्टि के सबसे प्राचीनतम ग्रन्थ व ज्ञान है।विजय दशमी का पर्व हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष यशोवीर आर्य ने सभी को विजयदशमी  पर्व की शुभकामनाएं दी।
प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा की सत्य की देर से ही सही सदैव विजय होती है हमें ईश्वर विश्वासी होना चाहिये।
संगीत विशारद सुदेश आर्या ने भजनों के माध्यम से वेदिक संस्कृति से सभी को परिचय कराया व गायिका प्रतिभा सपरा, सुमेधा अग्रवाल,इंद्रा गुप्ता,ममता चौहान,कविता आर्या, देवेन्द्र आर्य,पूर्णिमा शर्मा,सुदेश वीर आर्या,नरेंद्र आर्य सुमन,नरेश खन्ना आदि ने गीतों के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रमुख रूप से परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य महेन्द्र भाई, यज्ञवीर चौहान,संजय सपरा, सौरभ गुप्ता,नरेश प्रसाद,ममता चौहान आदि उपस्थित थे।