त्वचा रोगों पर गोष्टी व वीर बंदा वैरागी की जयंती मनाई


धनसिंह—समीक्षा न्यूज—  
प्राकर्तिक उपायों से त्वचा व बालो को स्वस्थ रखा जा सकता है-डॉ एंजी खुराना (सिरसा)
वीर बंदा बैरागी के पराक्रम को अपनाने की आवश्यकता है -राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य
गाज़ियाबाद। बुधवार को केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "त्वचा रोगों व वीर बंदा वैरागी की जयंती" पर गोष्ठी का आयोजन गूगल मीट पर किया गया।यह कोरोना काल में परिषद का 110 वां वेबिनार था।
मुख्य वक्ता डॉ एंजी खुराना (सिरसा) ने कहा कि ऐसे विकार या संक्रमण जो मानव त्वचा को प्रभावित करते हैं,उन्हें चर्म रोग कहा जाता है।त्वचा से एक व्यक्ति के आंतरिक स्वास्थ्य का पता चलता है।चर्म रोग के लक्षणों और गंभीरता में काफी भिन्नताएं हैं।कुछ त्वचा विकारों की स्थिति बेहद ही सुक्ष्म होती है,और कुछ जीवन के लिए खतरनाक हो सकते हैं।एलर्जी होने पर एलोवेरा जेल या कच्चे आम को पका कर उसके गूदे का लेप लगाने से काफी राहत मिलती है। इस प्राकृतिक उपाय से स्किन एलर्जी दूर करने की ताकत है।शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ाएं।पानी आपके शरीर को ही नहीं,बल्कि आपकी त्वचा को भी हाइड्रेट रखता है।बालों के लिए हफ्ते में 3 बार बालों को अवश्य धोएं साथ हीं आँवला,निम्बू आदि विटामिन सी का सेवन अवश्य करें। 
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वीर बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर 1670 को ग्राम तच्छल किला,पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ।उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था।गुरु गोविन्दसिंह ने उसे बन्दा बहादुर नाम दिया।उन्होंने सबसे पहले श्री गुरु तेगबहादुर जी का शीश काटने वाले जल्लाद जलालुद्दीन का सिर काटा।फिर सरहिन्द के नवाब वजीरखान का वध किया। जिन हिन्दू राजाओं ने मुगलों का साथ दिया था,बन्दा बहादुर ने उन्हें भी नहीं छोड़ा।इससे चारों ओर उनके नाम की धूम मच गयी।उनके पराक्रम से मुगलों में भय था।गर्म चिमटों से वीर बन्दा बैरागी का माँस नोचा जाता रहा।बंदा बैरागी जैसे महान वीरों ने हमारे धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया।खेद जनक बात यह है कि उनके महान जीवन से आज की  युवा पीढ़ी अनभिज्ञ है।आज आवश्यकता है कि भारत का बच्चा बच्चा बंदा बैरागी के महान जीवन से प्रेरणा ले सके।आज फिर हिन्दुओ को वीर बंदा वैरागी को आदर्श बनाकर प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा विद मदालसा खुराना ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं प्रदान की।
प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि योग व प्राणायाम के माध्यम से चर्म रोगों व बालों की समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
प्रधान शिक्षक सौरभ गुप्ता ने कहा की वीर बंदा वैरागी का बलिदान पुकार पुकार कर हिन्दुओ को एक बार फिर से संघर्ष के लिए तैयार रहने का संदेश दे रहा है। 
महान क्रांतिकारी जतिन्द्रनाथ दास के जयंती पर भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
युवा गायिका संध्या पांडेय,ईश्वर देवी,रविन्द्र गुप्ता,मदन लाल गुप्ता,चन्द्रकान्ता आर्या,लाज वन्ती गिरधर,संतोष तनेजा,मधु बेदी,उर्मिला आर्या आदि ने गीतों के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रमुख रूप से आनन्द प्रकाश आर्य,देवेन्द्र गुप्ता,डॉ कल्पना रस्तोगी,यशोवीर आर्य,डॉ आशीष खुराना,नरेश प्रसाद आदि उपस्थित थे।