हेलमेट मैन ने कहा बिना हेलमेट किसी को शिक्षा लेने का अधिकार नहीं, नो हेलमेट नो कॉलेज


धनसिंह—समीक्षा न्यूज—  
महिला सुरक्षा और यातायात मजबूती के लिए हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक डॉ ओमप्रकाश सिंह एवं सिटी एसपी गोपीनाथ सोनी के साथ मिलकर हरी झंडी दी.राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआ बाग गाजीपुर उत्तर प्रदेश में महिलाओं को हेलमेट के साथ पांच लाख का दुर्घटना बीमा दिया.और कहां भारत के 74 साल आजादी के बाद भी हमारे देश के युवा जब पुलिस सड़कों पर रोकती है तो लोग रुकने के बजाय भागने की कोशिश करते हैं. क्योंकि उनके सर पर हेलमेट नहीं होता है जबकि वह पढ़े लिखे होते हैं. वह शिक्षा किस काम का जो प्रतिदिन कानून तोड़े जिसकी वजह से आज विश्व में सबसे ज्यादा मौत सड़क हादसों से भारत में होती है. पिछले साल 4 साल के बच्चों के ऊपर हेलमेट लगाने का संविधान में कानून पास हुआ. लेकिन वह कानून आज भी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर रुका हुआ है. इस नियम की जागरूकता आज भी लोगों तक पहुंची नहीं है. हेलमेट मैन ने कहा आज अगर स्कूलों में ही हेलमेट देने का नियम बना दिया जाए तो बच्चों के साथ अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ेगी क्योंकि बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते समय खुद भी हेलमेट का प्रयोग नहीं करते है.



जिस तरह स्कूल से ही ड्रेस झोला जूते ब्लेजर और किताब देने के लिए अनिवार्य किया जाता है उसी तरह स्कूल से ही बच्चों को हेलमेट देने का नियम होना चाहिए. इसके लिए हेलमेट मैन पिछले 7 साल से कार्य कर रहे हैं जो लोगों से पुरानी पुस्तक लेकर उन्हें हेलमेट देते हैं अब तक भारत के अलग-अलग राज्यों में 48000 हेलमेट बांटकर 6 लाख गरीब बच्चों तक निशुल्क पुस्तकें दे चुके हैं. भारत को सड़क दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए सभी नागरिक को साक्षर होना जरूरी है.
इसलिए सभी विद्यालयों में लगातार निशुल्क हेलमेट दे रहे हैं. और यह भी कहा जिस तरह कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं आज दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं सड़कों पर उसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन को भी होना चाहिए जो अपने कैंपस में किसी भी छात्र या छात्रा को बिना हेलमेट कैंपस में अनुमति नहीं देना चाहिए जो लोग टू व्हीलर का इस्तेमाल करते हैं.
एक तरफ सरकार महिला सुरक्षा की बात कर रही है वहीं दूसरी तरफ प्रतिदिन सैकड़ों महिला दुर्घटना की शिकार बन रही है हेलमेट नहीं होने की वजह से जान चली जाती है. क्योंकि सड़कों पर कोई पीछे बैठने वाली महिला बिना हेलमेट ही यात्रा करती रहती हैं. जो सरकार और प्रशासन के लिए भी चुनौती बना हुआ है.
इसे दूर करने के लिए हेलमेट मैन चाहते हैं उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए चिंतित है उन्हें सड़क सुरक्षा मजबूती के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के महाविद्यालय में स्कूटी से आने वाली छात्राओं को बिना हेलमेट कॉलेज कैंपस में अनुमति नहीं देना चाहिए. जिसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन को होना चाहिए जो 90% अटेंडेंस की मांग करते हैं उसी तरह बच्चों के एडमिशन समय ही हेलमेट देने का नियम होना चाहिए. उसी उद्देश्य को लेकर महिला विद्यालय के सभी छात्राओं को हेलमेट देकर जागरूकता रैली निकाली जो कार्यक्रम में उपस्थित यातायात सीओ महमूद अली, सदर क्षेत्राधिकारी ओजस्वी चावला यातायात प्रभारी प्रवीण यादव, अमित सिंह राणा संदीप कश्यप प्रवीन सिंह आदि.