स्वामी आचार्य नरेन्द्र देव ने समतामूलक समाज बनाने का लिया था संकल्प: रामदुलार यादव


धनसिंह—समीक्षा न्यूज
गाजियाबाद। प्रखर समाजवादी चिन्तक, प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, निष्ठावान अध्यापक, साहित्यकार, विलक्षण प्रतिभा और व्यक्तित्व के स्वामी आचार्य नरेन्द्र देव का जन्म दिन समारोह “किसान, कामगार सम्मान” दिवस के रूप में मनाया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता राम दुलार यादव रहे, अध्यक्षता मनोहर लाल कश्यप ने, संचालन मुकेश शर्मा शिक्षाविद ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव, समाजसेवी ने किया| यह आयोजन “महात्मा गाँधी हाल” एस-52, लोनी रोड मोहन नगर साईट-2, इंडस्ट्रियल एरिया में आयोजित किया गया| समारोह में मजदूर भाइयों को कम्बल ओढाकर सम्मानित किया गया, सभी साथियों ने आचार्य नरेन्द्र देव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद करते हुए, देश और समाज हित में उनके द्वारा किये गये अनुकरणीय कार्यों की सराहना करते हुए समाज में सद्भाव, भाईचारा, सहयोग, और प्रेम से रहने के साथ-साथ, असहिष्णुता, नफ़रत के वातावरण के समूलनाश का संकल्प लिया| 
   कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता राम दुलार यादव वरिष्ट नेता सपा गाजियाबाद ने कहा कि “भारत को ब्रिटिश राज की गुलामी से मुक्त कराने के लिए वह स्वतंत्रता आन्दोलन में कूद पड़े| आम जनता की गरीबी, बेबसी, लाचारी तथा भारत की आर्थिक दुर्दशा ने उन्हें समाजवादी बना दिया, उन्होंने समतामूलक समाज बनाने का संकल्प लिया| 1934 में आचार्य नरेन्द्र देव की अध्यक्षता में जय प्रकाश नारायण, डा0 राम मनोहर लोहिया ने अन्य नवयुवक समाजवादी साथियों से मिलकर “कांग्रेस सोसलिस्ट पार्टी” की स्थापना की| 1948 में समाजवादियों के पटना सम्मलेन की अध्यक्षता आचार्य नरेन्द्र देव ने की| भारत में समाजवाद को किसानों, मजदूरों के सवालों से जोड़ना, राष्ट्रीयता का भाव भरना, आचार्य नरेन्द्र देव की भारतीय समाजवाद को स्थायी देन है, वे समाजवाद के प्रखर प्रवक्ता रहे, वे बौद्ध दर्शन से प्रभावित रहे तथा किसानों, मजदूरों के दुःख का कैसे निराकरण हो उसके लिए पूरे जीवन काम करते हुए बौद्ध दर्शन का अध्ययन करते रहे|
  राम दुलार यादव ने कहा कि आजादी के 73 साल बाद भी हम किसानों, मजदूरों की दुर्दशा को समाप्त नहीं कर पाये, देश में लाखों किसान आर्थिक बदहाली के कारण आत्महत्या कर रहे हैं, करने पर मजबूर हैं, केन्द्र सरकार उन्हें आज भी न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दे पा रही है, उनकी फसल कौड़ियों के भाव बिचौलिये खरीद लेते है, संग्रह कर किसान और उपभोक्ता को मंहगे दामों पर बेचते है, भारत का किसान आज बेबस और बेचैन आन्दोलनरत है, तथा केन्द्र सरकार द्वारा किसान विरोधी कानून को वापस लेने की मांग कर रहा है, लॉकडाउन में मजदूरों की दयनीय हालत ने उसे तपती धूप में बाल, बच्चों के साथ अपने जन्म स्थल पर जाने को मजबूर कर दिया, वह कितना कष्ट झेला उसका आकलन नहीं किया जा सकता| भारत के इतिहास में ऐसा कष्ट मजदूर भाई, उनके बच्चों ने कभी नहीं झेला था| केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों, मजदूरों के सवालों पर हमेशा उदासीन रही, यह सरकार आचार्य नरेन्द्र देव के बताये रास्ते पर नहीं चल रही है, नहीं तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का बिल संसद से पास करवा कर किसानों और मजदूरों के आक्रोश को ख़त्म करती लेकिन यह भाजपा सरकार घोर पूंजीवादी व्यवस्था की पोषक है, उसे आम जनता का कोई ख्याल नहीं, झूठे वादे कर सब्जबाग दिखाना, आस्था के नाम जन भावनाओं का दोहन करना ही इनका मुख्य उद्देश्य बन गया है, मेरा मानना है कि आम जनता का दुःख दूर समाजवादी व्यवस्था में ही हो सकते हैं, हमें आचार्य नरेन्द्र देव जी के सपनों का भारत बनाने के लिए लगातार प्रयास करना चाहिए, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी| सम्मानित रहे कामगार साथी- साकिर, अनुराग, सलाउद्दीन, नितिन, नसीम|  
  कार्यक्रम में प्रमुख लोग शामिल रहे- राम दुलार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, मनोहर लाल कश्यप, मुकेश शर्मा, बिन्दू राय, संजू शर्मा, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, रेनूपुरी, मास्टर अली शेर, शाहरुख़ खान, तनवीर, फौजुद्दीन, आरती मित्तल, विनोद कुमार त्रिपाठी, शबाना बेगम, मंगल सिंह चौहान, दयाल शर्मा, ताहिर अली, रहीमुद्दीन, एम0 आर0 खान, विजय मिश्र, संदीप त्यागी, विजय भाटी, पंकज सिंह, पंकज राय, सुभाष यादव आदि|