त्याग,तपस्या से परिपूर्ण आडवाणी जी प्रेरणा के स्रोत -राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य


धनसिंह—समीक्षा न्यूज—  
आर्य समाज एटीएस इंदिरापुरम का वैदिक सत्संग संम्पन्न
गाज़ियाबाद। आर्यसमाज ए टी एस इन्दिरापुरम् गाज़ियाबाद का आन-लाइन वैदिक सत्संग का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।कार्यक्रम में सम्मिलित लोगों ने भजनों एवं प्रवचन का आनन्द लिया।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपप्रधान मंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी के 93 वे जन्मदिन पर आर्य जगत की ओर से बधाई दी, उन्होंने कहा कि आज श्री राम का मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है इसकी नीव के पत्थर आडवाणी जी हैं उन्होंने ही रथ यात्रा निकाल कर देश को यह मुद्दा दिया और भाजपा 2 से 303 सीटों पर पहुंच गई।
प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि सत्यार्थ प्रकाश की रचना मानव कल्याण का आधार सिद्ध हुआ।महर्षि दयानन्द ने सत्यार्थ प्रकाश के माध्यम से वैदिक संस्कृति का प्रचार प्रसार किया।हम सभी को जीवन मे एक बार सत्यार्थ प्रकाश का अध्ययन अवश्य करना चाहिए,उन्होंने आगे कहा की महर्षि दयानन्द वैचारिक क्रांति के जन्मदाता थे।उन्होंने अपने विचारों से सभी को सत्य असत्य का निर्णय करने की शक्ति प्रदान की।
परिषद के प्रांतीय प्रभारी डा आर के आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती के हम सभी पर अनेकानेक उपकार है।महिलाओं की दयनीय स्थति को देख स्वामी जी ने महिला उद्धार के लिए काम किया।आर्यसमाज को महर्षि दयानन्द सरस्वती के समाज सुधार के कार्य को पूरा करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना है।
श्रीमती प्रतिभा सपरा मंत्री आर्यसमाज मुखर्जी नगर,दिल्ली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता कीऔर कहा कि स्वामी जी ने समाज सुधार के लिए विशेषकर महिला उद्धार,विधवा विवाह,बाल विवाह, दलित उद्धार के लिए आवाज उठाई थी।
केंद्रीय आर्य युवक परिषद के महामंत्री महेंद्र भाई जी ने सभी का स्वागत व धन्यवाद किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन केंद्रीय आर्य युवक परिषद के प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्री देवेंद्र गुप्ता ने किया।
सुप्रसिद्ध भजनोदेशिका सुदेश आर्या ने भजनों के माध्यम से स्वामी जी का गुणगान किया तथा प्रभु भक्ति के अनेक गीत सुनाकर सबका मन मोह लिया।इसके अतिरिक्त सुषमा बुद्धिराजा, अनिल दत्त नादान,उर्मिल आर्या, संगीता आर्या,सविता चांदना ने प्रभु भक्ति के गीत सुनाये।बालक कान्हा ने ईश प्रार्थना सुनाई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से दर्शनाचार्या  विमलेश वंसल,चद्र प्रभा आर्या,ओम सपरा,सुमन गुप्ता,शिप्रा गुप्ता,महेंद्र भाई आदि उपस्थित थे।
कु.रूपांशी आर्या ने शांति गीत व शांति पाठ कर कार्यक्रम सम्पन्न किया।