ह्रदयाघात से बचाव पर गोष्ठी सम्पन्न


धनसिंह—समीक्षा न्यूज

दैनिक हल्के व्यायाम से ह्रदयाघात से बचाव सम्भव-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य 

ह्रदयाघात से बचाव के लिए चिकनाई,मसालों से करे परहेज-डॉ सुनील रहेजा,एम एस,पंत अस्पताल

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "कोरोना में ह्रदयाघात से बचाव" विषय व संसद हमले की 19 वीं तिथि पर वीर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई व ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन जूम पर किया गया।यह कोरोना काल में परिषद का 134 वां वेबिनार था।

जीपी पंत अस्पताल के एम एस डॉ सुनील रहेजा ने कहा कि हृदय रोगियों को ह्रदयाघात से बचने के लिए अपनी जीवन शैली में सुधार करना आवश्यक है।रोगियों को चिकनाई युक्त खाद्य पदार्थों और तनाव का त्याग,शारीरिक व्यायाम के साथ फलों और हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए।हल्के व्यायाम और घूमने से दिल की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हाथ,पैरों की धमनियां स्वस्थ होती हैं।अधिक मसाले व चिकनाई हानिकारक है।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि दिनचर्या में हल्के व्यायाम को समिलित करने से बचाव हो सकता है।साथ ही 19 वर्ष पूर्व संसद हमले में मारे गए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया।उन्होंने कहा कि देश 2001 में इस दिन अपनी संसद पर हुए कायरतापूर्ण हमले को कभी नहीं भूल पायेगा।हम आज उन लोगों की वीरता और बलिदान का स्मरण करते हैं जिन्होंने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राण गंवाए।देश के जवानों पर हम सभी को गर्व है।

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश बंसल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्व भर में हृदय रोग से पीड़ित लोग अपने बचाव के लिए सब कुछ करने के बाद भी जीवन बचाने में असमर्थ रहते हैं।योग के दैनिक जीवन में प्रयोग से हृदय रोग से बचना संभव है।हृदय को प्राप्त रक्त संचार कम होने से वह आगे रक्त प्रसारण करने में असमर्थ होकर कार्य रोकता है और हृदयाघात होता है।धमनियों में मोटे रक्त (अधिक कोलेस्ट्रॉल) का संचार सुचारु रूप से नहीं होना इसका प्रमुख कारण है।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि हार्ट फेलर – रक्त एकत्रीकरण से दिल कमजोर हो जाता है,जिससे यह रक्त को पूरे शरीर में पहुँचा नहीं पाता है इस तरह अंततः यह हार्ट फेल होने का कारण बनता है।

योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कहा कि संसद हमले में बलिदान जवानों के सर्वोच्च बलिदान का देश सदैव ऋणी रहेगा।देश के युवा उनकी कुर्बानी से प्रेरणा लें।

गायिका दीप्ति सपरा,सविता आर्या,प्रवीना ठक्कर,जनक अरोड़ा,रविन्द्र गुप्ता,प्रतिभा कटारिया,रजनी गोयल आदि ने अपने गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य रूप से आनन्द प्रकाश आर्य,यशोवीर आर्य,कुमकुम खोसला,देवेन्द्र गुप्ता,संतोष शास्त्री,प्रकाशवीर शास्त्री, ओमप्रकाश नागिया,मधु बेदी, अर्जुन कालरा,डॉ रचना चावला आदि उपस्थित थे।