चौधरी चरण सिंह का जन्म दिन किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया



धनसिंह—समीक्षा न्यूज

साहिबाबाद। ज्ञान पीठ केन्द्र के प्रांगण में वीरेंद्र यादव एडवोकेट जिला महासचिव समाजवादी पार्टी जनपद गाज़ियाबाद के नेतृत्व में भारत के पूर्व प्रधान मंत्री, किसानो के मसीहा, ईमानदारी और नैतिकता की प्रतिमूर्ति, गाँव, गरीब की आवाज चौधरी चरण सिंह का जन्म दिन “किसान सम्मान दिवस“ 1 स्वरुप पार्क जी . टी . रोड साहिबाबाद पर आयोजित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी के वरिष्ठ नेता, पूर्व महानगर अध्यक्ष चौधरी धरमवीर डबास ने किया, संचालन मुकेश शर्मा शिक्षा विद आयोजन इंजी. धीरेन्द्र यादव ने किया। महिला सभा की जिला उपाध्यक्ष संजू शर्मा गाज़ियाबाद भी कार्यक्रम में शामिल रही, महिला उत्थान संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिन्दू राय ने देश भक्ति के गीत प्रस्तुत किया। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष राम दुलार यादव भी कार्यक्रम में शामिल रहे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राम दुलार यादव ने कहा कि चौधरी चरण सिंह एक साधारण किसान परिवार में पैदा हुए, बिलक्षण प्रतिभा और लगन से उन्होंने गाज़ियाबाद से लाल किला तक सफ़र किया वे सार्वजानिक जीवन में ईमानदारी नैतिकता के प्रबल पक्षधर थे, उन्होंने शिष्टाचार नमक पुस्तक भी लिखी, बिदेशी लेखक स्कीट के माध्यम से “कहा कि अंकगणित का शून्य अपने आप में कोई ताकत नहीं रखता लेकिन दूसरे किसी के साथ कई गुना ताकत मिलकर बढ़ा देता है महात्मा गाँधी के बाद कोई भी राष्ट्रीय नेता भारत के गाँव गरीबी किसान की समस्या से अवगत, तथा समाधान के लिए तत्पर था, वह चौधरी चरण सिंह थे। वे व्यक्ति नहीं विचारधारा उनकी आर्थिक समझ बेजोड़ थी, भारत जैसे विशाल देश जिसमे बेरोजगारों की संख्या अधिक है इस समस्या  का हल वह लघु कुटीर, मझोले उधोगो को बढ़ावा देना प्रोत्साहित करना मानते थे 1952 में जमींदारी उनर्मूलन अधिनियम उत्तर प्रदेश में लागू कर गरीब मजदूर किसान को जमीन का  मलिक बनने में मील का पत्थर साबित हुआ किसानो का शोषण करने वाले 27000 पटवारियों के बस्ते रखवा, सभी धर्मो वर्गों के नवजवानों को लेखपाल बना दिया उसमे सबसे अधिक भर्ती अनुसूचित के नवजवानों की हुई।

वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि चौधरीचरणसिंह जो स्मराज करतेहुए आज देश ये बेरोजगारी 45% न्यूनतम स्तर पर पहुच गयी है, बेरोजगार, नौजवान, मजदूर दर  – दर  की ठोकरे  खा रहा है, हालत यह है कि वैशविक महामारी कोरोना में करोड़ो लोग बेरोजगार हो गये, कोरोना के बहाने अवसर मिलते ही कारपोरेटो ने उनकी छटनी कर दी, भारत में 21 वीं शदी में 100 करोड़ लोगो पर पूरी रोटी नहीं है। आज किसान आन्दोलन को भारतीय जनता पार्टी की सरकार कुचलना चाहती है वह किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य का कानून भी नहीं बनाना चाहती, जो तीन कृषि बिल केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अध्यादेश के जरिये  पास किये है उससे गावों में बेरोजगारी भी बढ़ेगी शहर पहले ही बेरोजगारी का दंश झेल रहे है, चौधरी चरण सिंह जी ने एक पुस्तक लिखी है “ भारत की भयावह आर्थिक स्थित कारण और निदान “ आज जीडीपी माईनस में चली गयी है चौधरी चरण सिंह के सिद्धान्त आज भी प्रासंगिक है। उनकी नितियों पर चलकर ही भारत आत्मनिर्भर राष्ट्र बन सकता है।

कार्यक्रम वेश्विक महामारी को ध्यान में रखते हुए मास्क वितरित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख ने चौधरी चरण सिंह को पुष्पांजलि दी प्रमुख रहे। राम दुलार यादव, वैजनाथ रजक, मंगल सिंह चौहान, इशरत जहाँ, शबाना, बिन्दू राय, रेनू पुरी, शंजू शर्मा, पूनम तिवारी, रहीमुद्दीन, गंगाराम, मुनीव राम यादव, ब्रम्ह्प्रकाश, ओम प्रकाश अरोड़ा, चुन्नी लाल चौरसिया, पुष्पा देवी, कमलेश, सविता देवी, लक्ष्मी, किरन, मो. अली शेर, माजिद चौधरी, अंशु चौधरी, फोजुद्दीन, जुनेद, शुहेल चौधरी, शाहरुख़ चौधरी, इत्यादि।