लोहड़ी व मकर संक्रांति का वैदिक स्वरूप पर गोष्ठी संम्पन्न


धनसिंह—समीक्षा न्यूज   

यह पर्व हमारी संस्कृति को मजबूत बनाते हैं-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

निर्धन व असहायों की सहायता ही परमधर्म -दर्शनाचार्य विमलेश बंसल

गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में लोहड़ी व मकरसंक्रांति के वैदिक स्वरूप पर गोष्ठी का आयोजन आर्य नेत्री इंदु मेहता की अध्यक्षता में किया गया।यह परिषद का कोरोना काल में 150 वां वेबिनार था जो जूम पर संपन्न हुआ।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि ये पर्व हमारी संस्कृति को मजबूत बनाते हैं।नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के गौरव पूर्ण पक्ष व महत्व को उजागर करते हैं।लोहड़ी पर्व भी एक तरह से लवजिहाद से बचाने की दूल्हा भट्टी की प्रेरणाप्रद कहानी है। आज फिर लव जिहाद की समस्या दिखाई दे रही है आज फिर दुल्ला भट्टी प्रासंगिक हो गए हैं।हमें यज्ञ करके शुद्ध घी,हवन सामग्री वेद मंत्रों की आहुति दे कर पवित्रता पूर्वक पर्व को मनाना चाहिए।ऐसी वस्तुए अग्नि में न डाले जिससे वायु प्रदूषण बढे।

वैदिक विदुषी दर्शनाचार्य  विमलेश बंसल ने कहा शीत शिशिर हेमंत का हुआ परम प्राधान्य।तेल तूल,तिल तपन का दान जगत में मान्य।भारत देश व्रत पर्व उत्सवों का देश है,वर्षभर के पर्वों में मकर संक्रांति और लोहड़ी का अपना विशेष महत्त्व है।सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण, पितृयान से देवयान की ओर जाने का संदेश देने आया यह पर्व संकेत करता है कि हम सब यज्ञ- देवपूजा,संगतिकरण व यथा स्थान पात्र देख दान करने वाले बनें,निर्धनों को धन,असहायों को सहायता,अज्ञानियों को ज्ञान, अभावग्रस्तों को धनादि दे खिला कर खाने की त्यागमयी उत्कृष्ट वैदिक संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध कर राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं।ईश्वर की भक्ति वेदानुकूल पथ को अपनाते हुए ईश्वरीय जनों की सेवा और समर्पण ही है।

मुख्य अतिथि चंद्र डुडेजा ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रांतीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि लोहड़ी उत्साह व उल्लास का पर्व है इससे समाज में भाई चारा बढ़ता है।

गायिका दीप्ति सपरा,जनक अरोड़ा,प्रतिभा कटारिया,आशा आर्या,ईश्वर देवी,विजय हंस,वीना वोहरा,आदर्श मेहता,रवीन्द्र गुप्ता, वीरेन्द्र आहूजा,प्रगति डाली आदि ने मधुर गीत सुनाये।