कब्ज व बवासीर से मुक्ति पर गोष्ठी संम्पन्न


धनसिंह—समीक्षा न्यूज

समय पर भोजन व तले से परहेज आवश्यक-डॉ सुषमा आर्या(आयुर्वेदाचार्य)

स्वामी सत्यपति जी का जीवन वेदों को समर्पित रहा-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "कब्ज व बवासीर से मुक्ति" विषय पर ऑनलाइन जूम पर गोष्टी आयोजित की गई।साथ ही मूर्धन्य वैदिक विद्वान स्वामी सत्यपति जी के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।यह परिषद का कोरोना काल में 170 वां वेबिनार था।

आयुर्वेदाचार्य डॉ सुषमा आर्या ने कहा कि अनियमित खान पान, समय पर भोजन न करना, अत्यधिक तनाव,तला भुना भोजन व अनिद्रा कब्ज के कारण यह रोग बनते है,बाद में यही आंतो में सूजन से बवासीर बनती है।बवासीर भी दो तरह का होता है मस्से बाहर आना व खूनी बवासीर।इनका सरलता से उपचार किया जा सकता है अलसी की दो बूंद तेल दही में खाने से,चावल की माड़ में नींबू डाल कर पीने से,गाजर चुकन्दर का रस पीने से,पता गोभी का जूस पीने से,एपल का सिरका पीने से बवासीर व कब्ज का घरेलू उपचार किया जा सकता है। साथ ही पानी का भी अधिक मात्रा में सेवन लाभदायक है।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने वैदिक विद्वान स्वामी सत्यपति जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए आर्य जगत की अपूर्णीय क्षति बताया,उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने लगभग 50 वैदिक विद्वान तैयार करके गए हैं जो वेद प्रचार का कार्य जारी रखेंगे।उन्होंने कहा कि 1970 में दयानंद मठ रोहतक में पांच लोगों ने संन्यास की दीक्षा ली थी स्वामी इंद्रवेश,स्वामी अग्निवेश,स्वामी शक्तिवेश,स्वामी आदित्य वेश व स्वामी सत्यपति जी इस श्रंखला का आखिरी पुष्प भी आज गिर गया।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के प्रांतीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि योग अपनाओ स्वस्थ रहो।कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य नेत्री अनिता कुमार ने की व जीवन लाल आर्य मुख्य अतिथि रहे।

गायिका बिंदु मदान,दीप्ति सपरा, रविन्द्र गुप्ता,कुसुम आर्य, संगीता आर्या गीत,डॉ रचना चावला, जनक अरोड़ा,कुसुम भंडारी, वीना वोहरा आदि ने गीत प्रस्तुत किये।

प्रमुख रूप से आचार्य महेंद्र भाई, धर्मपाल आर्य, देवेन्द्र भगत,सौरभ गुप्ता,आनन्द प्रकाश आर्य,आशा आर्य,उर्मिला आर्य,प्रेम सचदेवा आदि उपस्थित थे ।