बसंत पंचमी पर वीर हकीकत के बलिदान को किया नमन


धनसिंह—समीक्षा न्यूज   

विद्या,ज्ञान व उपासना के शुभारंभ का दिन है -डॉ रामचंद्र(कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय)

वीर हकीकत ने धर्म के लिए बलिदान देना सिखाया-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "बसन्त पंचमी उत्सव व वीर हकीकत राय" के बलिदान दिवस पर गोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन जूम पर कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह परिषद का 175 वां वेबिनार था।

वैदिक विद्वान डॉ रामचंद्र (विभागाध्यक्ष,संस्कृत विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय) ने कहा कि वसंत पंचमी  सरस्वती पूजा एवं राष्ट्र आराधना का दिन है। उन्होंने कहा कि वसंत पंचमी का दिन भारत वर्ष के इतिहास में विद्या,ज्ञान एवं उपासना की श्रेष्ठ संकल्पना का दिन है।आज के दिन से गुरुकुल में शिक्षण का प्रारंभ होता है और जीवन को संकल्प बद्ध करने का संकल्प लिया जाता है।कुछ ही समय के पश्चात ऋतुराज बसंत का शुभारंभ होना होता है परंतु उसका स्वागत मंगल आज से प्रारंभ हो जाता है।पीला रंग जीवन में उत्साह का प्रतीक है, इसलिए आज के दिन पीले वस्त्र पहनने की परंपरा है।उन्होंने कहा की बसंत पंचमी का इतिहास वीर हुतात्मा हकीकत राय के साथ भी जुड़ा हुआ है।आज ही के दिन 1734 में 14 वर्ष के वीर बालक हकीकत राय ने अपने प्राणों की आहुति दे दी।तत्कालीन क्रूर मुस्लिम शासकों ने लाहौर में मुसलमान हो जाने या फिर प्राण दान देने के दो विकल्प हकीकत राय के सामने रखे थे।उस समय में उस महान हुतात्मा हकीकत राय ने बसंत पंचमी के दिन प्राण दे दिए परंतु अपना धर्म नहीं छोड़ा। 

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि हिन्दू धर्म के महान पुरोधा वीर हकीकत राय धर्म के लिए बलिदान हो गए पर धर्म नहीं छोड़ा।यह 14 वर्ष के बालक के बलिदान का अनुपम उदाहरण है, उनका यह बलिदान नई युवा पीढ़ी के लिए आज भी प्रांसगिक है और सदैव प्रेरणा देने वाला रहेगा।उनका उदघोष " काट सकते हो तो बाहर का हकीकत काटो,काट सकती असल हकीकत को यह तलवार नहीं" आत्मा के अजर,अमर,अभय होने का संदेश देता है।

कार्यक्रम अध्यक्ष वैदिक विदुषी दर्शनाचार्या विमलेश बंसल आर्या ने कहा कि आज आवश्यकता है  वसंत ऋतु जैसे पर्व उत्सव को नवीन यज्ञोपवीत पहन,सामूहिक वेद मंत्रों द्वारा वृहद यज्ञ कर के मनाना।यह दिवस वीरों की भी स्मृति दिलाने का दिवस है इसलिये बलिदानी बालक वीर हकीकत राय को हम सब आज के दिन याद करते है दुर्भाग्य से उन इस्लामिक जिहादियों की बर्बरता आज भी कम नहीं है मात्र पांच दिन पहले रिंकू शर्मा भी इन्हीं जिहादियों का शिकार हो गया क्योंकि वह भी धर्म के प्रति निष्ठा के साथ श्रीराम काज में संलग्न था।हम वीर हकीकत के बलिदान को नमन करते हैं। 

विशिष्ट अतिथि आर्य नेत्री उर्मिला आर्या ने कहा कि बसंत ऋतु ऋतुओं की राजा है इसका स्वागत बसंत उत्सव के रूप में करते हैं,साथ ही वीर हकीकत की शहादत को याद करते हैं।

परिषद के राष्ट्रीय मंत्री प्रवीन आर्य ने उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

गायिका संगीता आर्या गीत,वीरेन्द्र आहूजा,डॉ रचना चावला,प्रगति आर्या,संध्या पांडेय,संतोष आर्य आदि ने भी गीतों के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की।