योग द्वारा रोग उपचार पर आर्य गोष्ठी संम्पन्न


धनसिंह—समीक्षा न्यूज

प्रदूषण व तनाव युक्त जीवन में योग ही है सहारा -एस डी त्यागी

योग को दिनचर्या का अंग बनाये-योगाचार्य मनोज कुमार 

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "योग द्वारा रोग उपचार" विषय पर आर्य गोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन ज़ूम पर  किया गया।यह परिषद का कोरोना काल में 171 वां वेबिनार था।

कार्यक्रम अध्यक्ष हिन्द मजदूर सभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एस डी त्यागी ने कहा कि आज की प्रदूषण युक्त व तनाव पूर्ण जीवन शैली में योग ही एक सहारा है।योग से सुगम व स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिलती है। योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए लाभदायक है।हमें योग को अपनाना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु मनोज कुमार ने कहा की योग जीवन का आधार है,आज इस संकट भरे समय में सभी को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग अवश्य करना चाहिए।योगाचार्य ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा युवाओं को "योग" को अपने जीवन का अंग बना लेना आज के समय की मांग है"।उन्होंने वेबिनार के माध्यम से अनेकों रोगों के उपचार भी बताए।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि योग भारतीय कला का एक रूप है,जो मात्र एक कला से कहीं ज्यादा महत्व रखती है।योग हमारी जिंदगी में कई मायनों में अपना एक अलग ही स्थान रखते हैं,चाहे फिर वो रोगों से मुक्त होने के लिए हो या फिर सुगम एवं स्वस्थ्य जिंदगी जीने के लिए और विभिन्न रोगो के पारम्परिक उपचारो के साथ-साथ पूरक चिकित्सा के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में एस्कोर्ट्स लिमिटेड के पूर्व डी जी एम डी के यादव ने कहा कि हमें योग के साथ-साथ आयुर्वेद व प्राचीन विधाओं को भी साथ में प्रयोग करने से अधिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि योग अपनाकर हम निःशुल्क स्वस्थ रहने का बीमा कर सकते हैं।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि यदि दवाइयां आपकी बीमारियां दूर करने में सफल नहीं हो पाती हैं,तो रोग अनुसार योग करने से आपकी समस्या हल हो सकती है।

योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कहा कि आज की इस भागदौड़ -प्रदूषित व तनाव युक्त जीवन शैली में रोग मुक्त जीवन जीने के लिए हमें दैनिक जीवन में योग को अपनाना होगा।

गायिका सुदेश आर्या,प्रवीना ठक्कर,डॉ कल्पना रस्तोगी,सुषमा बजाज,कीर्ति खुराना,कुसुम भण्डारी,नरेन्द्र आर्य सुमन,रविन्द्र गुप्ता,मृदुला अग्रवाल,सुलोचना देवी,जनक अरोड़ा,संध्या पाण्डेय, विभा शर्मा,वीना वोहरा,सुषमा बजाज ने अपने गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आचार्य महेन्द्र भाई,ईश कुमार आर्य,देवेन्द्र भगत,देवेन्द्र गुप्ता,डॉ रचना चावला,अरुण आर्य,मकेन्द्र कुमार,आनन्द प्रकाश आर्य आदि उपस्थित थे।