मास्टर प्लान 2031 के बनने से पहले कुछ भी बदलाव संभव: वीसी


धनसिंह—समीक्षा न्यूज   

गाजियाबाद। अगले दस साल में शहर के अलावा लोनी और मोदीनगर क्षेत्र की आबादी में पंद्रह

लाख की वृद्धि हो जाएगी। वर्तमान में तीनों क्षेत्रों की कुल आबादी 25 लाख है। आबादी बढ़ने के साथ ही करीब तीन लाख मकानों के निर्माण की आवश्यकता होगी। वर्तमान में कुल मकानों की संख्या साढ़े पांच लाख है। जिले की वर्तमान कुल आबादी 40 लाख है। बुनियादी सुविधाओं जैसे

बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, सीवेज सिस्टम, औद्योगिक क्षेत्र और पार्कों का विकास प्रस्तावित होगा। इसी को ध्यान में रखकर जीडीए द्वारा मास्टर प्लान-2031 बनाया जा रहा है। इस मास्टर प्लान पर प्रदेश सरकार के साथ ही केंद्र सरकार की खास नजर है।

मास्टर प्लान प्रभावी होते ही शहर की तस्वीर बदल जाएगी। मास्टर प्लान के लिए लोनी, मोदीनगर एवं गाजियाबाद शहर में पिछले तीन महीने से चल रहे सर्वे की रिपोर्ट बनाकर एनआरएससी (हैदराबाद) को भेज दी गई है। जीआइएस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अमृत योजना

के तहत प्लान बनाया जा रहा है। सर्वे कंपनी मैसर्स डीडीएफ कंसलटेंट द्वारा किया गया है। यह सर्वे वर्ष 2017 की डाटा सीट्स के आधार पर हुआ है। सर्वे की अंतिम रिपोर्ट आने से पहले सभी वर्गों से सुझाव और आपत्तियां लिया जाना अनिवार्य है। मास्टर प्लान में दिल्ली से मेरठ तक निमार्णाधीन आरआरटीएस प्रोजेक्ट, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे

के आसपास होने वाले विकास का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हाईटेक सिटी, इंटीग्रेटेड सिटी, राजनगर एक्सटेंशन के साथ ही अन्य विभागों की योजनाओं को ध्यान में रखकर भू-उपयोग पर मंथन किया जा रहा है। जीडीए का वर्तमान दायरा 184 गांवों की 3,889 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है। जिले के 40 सरकारी विभागों के अफसरों को जीडीए सभागार में सुझाव एवं

आपत्ति देने के लिए आमंत्रित किया गया। इस दौरान प्रस्तावित मास्टर प्लान का प्रजेंटेशन किया गया। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश ने सभी विभागों से अगले दस साल में उनके द्वारा प्लान की जा रही योजनाओं का विवरण मांगा है। यह विवरण अगले दस दिन में बनाकर दिए जाने की बात विभागों द्वारा कही गई है। मुख्य रूप से आवास-विकास परिषद, यूपीसीडा, यूपी रोडवेज, नगर निगम, यूपी जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग से विवरण मांगा गया है। 41 वीं पीएसी बटालियन, एनडीआरएफ के अफसरों के अलावा एसपी ट्रैफिक ने भी स्टेक

होल्डर्स मीटिग में हिस्सा लिया। सभी से प्लान को लेकर ग्रामवार, गाटावार पूरी सूचना मांगी गई है, ताकि महायोजना में समायोजन किया जा सके। बैठक में जीडीए सचिव संतोष कुमार राय, सीएटीपी आशीष शिवपुरी, मुख्य अभियंता विवेकानंद सिंह, सीएटीपी एनसीआर सेल एससी गौड़, सहायक महाप्रबंधक यूपीसीडी स्मिता सिंह आदि ने हिस्सा लिया। 20 मार्च को व्यापार मंडल, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, बिल्डर्स एसोसिएशन और आर्किटेक्ट एसोसिएशन समेत अन्य सक्रिय संस्थाओं को महायोजना के संबंध में सुझाव एवं आपत्ति देने को आमंत्रित किया गया है। जीडीए वीसी कृष्णा करुणेश ने कहा कि मास्टर प्लान 2031 के बनने से पहले कुछ भी बदलाव

संभव है। इसके लिए हर वर्ग के सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित हैं। अगले दस साल में शहर में

प्रस्तावित बस स्टैंड ,ट्रांसपोर्ट नगर, सीवर ट्रीटमेंट प्लान, लाजिस्टिक हब, आवासीय योजना, बाजार, सड़क, आरओबी, फ्लाईओवर, डंपिग ग्राउंड निर्माण जैसी योजनाओं को ध्यान में रखकर ही भू-उपयोग दर्ज किया जाना है। मास्टर प्लान बनने से जमीन का भू-उपयोग फाइनल हो जाएगा।