आशादीप फाउन्डेशन ने राष्ट्रीय महिला उत्थान संस्था के साथ मिलकर मनाया अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस



धनसिंह—समीक्षा न्यूज  

गाजियाबाद। आशादीप फाउन्डेशन एक गैर सरकारी स्वयं सेवी संस्था है जो सन 1983 से समाज से अवहेलित, उपेक्षित तथा शिक्षा एवं अच्छे स्वास्थ्य से वंचित लोगों के उत्थान हेतु निरन्तर कार्य करते हुए उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाती है, संस्था समाज की जरूरतों को देखते हुए उनमे जागरूकता प्रदान करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करती है, ऐसे ही समाज में महिलाओं की उपेक्षा, उनपर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध उन्हें समाज में मुख्य स्थान दिलाने का बीड़ा संस्था ने उठाया है, दिनांक 8 मार्च को संस्था के डायरेक्टर श्री एच0 के0 चेट्टी जी ने राष्ट्रीय महिला उत्थान संस्था के साथ मिलकर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया| इस साल का थीम था “वुमेन इन लीडरशिप” संस्था ने महिलाओं को लीडरशिप सिखाने और लीडर बनाने में बहुत काम किया है, इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती राधा जौली जो हेड वुमेन सेल ह्युमन राईट एनसीआर उपस्थित हुई, मुख्य वक्ता लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव, विशेष अतिथि श्रीमती डा0 सरोज यादव जी ऐसोसिएट प्रोफ़ेसर शारदा यूनिवर्सिटी, अनीता खन्ना कोऑर्डिनेटर एनसीआर, डा0 नीतू जैन कोऑर्डिनेटर गाजियाबाद, अंजू जौली कोऑर्डिनेटर गाजियाबाद उपस्थित हुए, इसके अतिरिक्त अनेक बुद्धिजीवी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए, सबसे पहले आशादीप फाउन्डेशन की सचिव श्रीमती ज्योति चेट्टी जी कार्यक्रम की अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय महिला उत्थान संस्था की अध्यक्ष बिन्दू राय ने उपस्थित सभी मेहमानों का हार्दिक रूप से स्वागत व अभिनन्दन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत 11.00 बजे दीप प्रज्ज्वलित के साथ हुई, संस्था के डायरेक्टर श्री एच0 के0 चेट्टी जी ने उपस्थित सभी महिलाओं का सम्मान करते हुए उनके अधिकारों व कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह व गुलदस्ते देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात श्रीमती राधा जौली जी ने महिलाओं के उत्थान पर अपने विचार प्रकट किये, इसके पश्चात आशादीप फाउन्डेशन के, सेंट जेम्स कॉन्वेंट स्कूल के बच्चों ने स्वागत नृत्य द्वारा मेहमानों का स्वागत किया तथा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस से सम्बन्धित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। इस अवसर पर सभी मेहमान तथा विभिन्न क्षेत्र से आयी महिलाऐं बहुत खुश थी, सभी ने आशादीप फाउन्डेशन द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की|

  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष मुख्य वक्ता राम दुलार यादव ने कहा कि 8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस देश, समाज में महिलाओं के सम्मान स्वाभिमान तथा समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढे मनाया जाता है, न्यूयार्क शहर में हजारों महिलाओं ने संघर्ष कर काम के घन्टे कम करवाने के साथ पुरुषों के समान वेतन की भी लड़ाई लड़ी। रूस में संघर्ष कर महिलाओं के मताधिकार का अधिकार प्राप्त किया, भारत में भी भीकाजी कामा, दुर्गा भाभी, उषा मेहता, अरुणा आसिफ अली, सरोजनी नायडू ने साम्राज्यवाद के विरुद्ध देश, विदेश में जन-जागरण किया और देश को आजाद कराने में यातना झेली, नागालैंड की रानी गिडालू ने आदिवासियों का जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई ब्रिटिश साम्राज्य से लड़कर अपनी वीरता और निर्भीकता का परिचय दिया। 

   श्री यादव ने कहा कि आज 21वीं शदी में हम असमानता के शिकार है, जातिवाद, पाखण्ड, परम्परावाद, रुढियों से हमारी बहनें निकल नहीं पा रही है, हम तभी स्वतंत्रता पूर्वक जीवन जी सकते है जब हम समाज में व्याप्त नफ़रत और असहिष्णुता के वातावरण को दूर कर सद्भाव, भाईचारा, न्याय और बंधुत्व को मजबूत बनायेंगें| आज हमारे देश में मंहगाई चरम पर है, आवश्यक वस्तुओं के दाम असमान छू रहे है, महिलाऐं चौका-चूल्हा चलाने में कठिनाइयों का सामना कर रही है, 15 से 18 साल की बच्चियां अभाव के कारण स्कूल छोड़ रही हैं, उनकी तादात 45% से अधिक, हमारे देश में लोकतान्त्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही है, लन्दन में सर्वेक्षण में हमारे देश की स्थिति 2014 में 27वें पायदान पर थी, अब हम 53वें पायदान पर खड़े है, अमेरिका में एक सर्वेक्षण में हमारे देश की स्थिति पूर्ण लोकतान्त्रिक देश से नीचे आंशिक लोकतंत्र तक पहुँच गयी। यह सर्वेक्षण मानव की स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता, सरकारी संस्थाओं में शासन के हस्तक्षेप कितना होता है नफ़रत का कैसा वातावरण है, उस आधार पर तय होती है। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम बहनों, बेटियों से अपील करते है कि  धार्मिक पाखण्ड, जातिवाद, अन्धविश्वास के समूल नाश के लिए कार्य करें, तथा अन्याय, अत्याचार, अनाचार, शोषण के विरुद्ध लड़ाई लड़ें। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने भाग लेकर संकल्प लिया कि हम समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को दूर करेंगें, तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए पूरा जीवन अर्पण करेंगें।

  कार्यक्रम का समापन महिलाओं द्वारा ली गयी शपथ के साथ हुआ, सभी के तालियों की गडगडाहट से हाल गूंज उठा, सभी ने संस्था को धन्यवाद दिया, इस अवसर पर लगभग 250 से अधिक महिलाऐं उपस्थित हुई जिसमे प्रमुख थी समाज सेविका संजू शर्मा, ममता, मल्लिका, रेनूपुरी. धर्मवती, गोमती राजपूत, किरण तिवारी, सविता, आरती मित्तल आदि।