जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन को लेकर नेहरू युवा केन्द्र के सहयोग से हिंडन मंथन कार्यक्रम आयोजित


धनसिंह—समीक्षा न्यूज   

ग़ाज़ियाबाद। विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित संस्था 'एन्वाइरन्मेंट एंड सोशल डेवेलॉपमेंट असोसिएशन' (ई. एस. डी. ए.) द्वारा सिटी फोरेस्ट राजनगर एक्सटेन्शन में वर्षा जल संचय एवं हिंडन नदी के संरक्षण एवं उसकी निर्मल व अविरल धारा के विषय में हिंडन - मंथन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में नेहरू युवा केंद्र गाजियाबाद का विशेष रूप से सहयोग रहा। कार्यक्रम में शासन प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंडस्ट्रियल असोसिएशन, आर. डब्ल्यू. ए., समाजसेवा संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा शहर के सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति, पर्यावरणविद, समाजसेवी, छात्र, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवको ने भागीदारी की एवं प्रकृति के असली वातवरण में जल संरक्षण एवं नदी पुनर्जीवन के लिए परिचर्चा की। कार्यक्रम का शुभारंभ जल संरक्षण से सम्बंधित नुक्कड़ नाटक से किया गया जिसे सभी श्रोताओ द्वारा पसन्द किया गया। 

कार्यक्रम संयोजक डॉ जितेंद्र नागर ने बताया की आज जल संरक्षण के लिये हमे जागरूक होने की आवश्यकता है और इसके लिए हम हिंडन नदी जोकि पश्चिम उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण धरोहर है जो लाखो लोगों की जीविका एवं पानी का  मुख्य स्रोत है। यह यमुना की सहायक नदी है और यमुना गंगा की मुख्य सहायक नदी है । इसलिए गंगा जब तक  साफ नहीं हो सकती जब तक हिंडन जैसी नदियो को प्रदूषणमुक्त नहीं किया जा सकता है और हमे स्वच्छ जल प्राप्त होने की समस्या बढ़ती जाएगी।

डॉ नागर ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षा जल संचयन कैच दा रेन एवं हिंडन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए इसकी मुख्य समस्या को जानकर कार्य करने की योजना बनाना है । ई. एस. डी. ए. संस्था जल्दी है नेहरू युवा केन्द्र के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से जल सरक्षण के लिए जन सहभागिता से कार्य करेगी और इसका मुख्य केंद्र गाजियाबाद होगा जहा यह सबसे प्रदूषित होती है और मृतप्राय रूप ले लेती है।  

कार्यक्रम मुख्य अतिथि गाजियाबाद की महापौर आशा शर्मा ने कहा है कि हम हिंडन नदी साफ एवं स्वच्छ बनाने के लिए क्रमबद्ध है और हम चाहते है गाजियाबाद देश का सबसे स्वच्छ शहर बने।

मुख्य वक्ता एवं केंद्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड दिल्ली के सहायक निदेशक वी. पी. यादव ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिंडन की अविरलता एवं निर्मलता के लिए हिंडन एक्शन प्लान तैयार किया। प्रदूषण फैलाने वाली सभी इंडस्ट्रीज को चिन्हित किया गया और सभी नालों की पहचान की गयी है जिस पर सरकार जल्दी ही उचित कार्यवाही करेगी।

जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली के प्रोफेसर सिराजुद्दीन अहमद ने बताया कि हिंडन में ट्रेस मेटल जो बहुत जहरीले होते है उनका स्तर काफी ऊंचा है जो हमारे भूजल को भी जहरीला कर रहे जिससे अनेक  बीमारियां फैल रही है। 

सामाजिक वानिकी सम्भाग निदेशक दीक्षा भंडारी ने कहा है नदियो के अस्तित्व को बचाए रखने एवं उनकी अविरल धारा के लिए पेड़ और जंगलो का बहुत महत्व है इसलिए हमे नदी किनारे अधिक से अधिक पौधारोपण करना चाहिये जिसमे हमारा विभाग पूर्ण सहयोग के लिए तत्पर है। प्रसिद्ध  पर्यावरणविद एवं पत्रकार ज्ञानेंद्र रावत ने कहा है अब हिंडन पुर्नजीवन के लिए एक आंदोलन की जरूरत है।

  नेहरू युवा केंद्र के  जिला  युवा अधीकारी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि हमारा संगठन भारत सरकार के नेशनल वाटर मिशन के अन्तर्गत वर्षा जल संचय- कैच दी रैन के लिए जागरूक कर रहे है। कैच दा रेन विषय के बारे में विस्तार से सरिता वर्मा एवं रविन्द्र नागर जी द्वारा प्रभावी व्याख्यान दिया गया और वर्षा के जल के संचय के विषय मे सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का संचालन डॉ अल्पना सुहासिनी द्वारा किया गया। इस दौरान नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक एवं युवा क्लब से सम्बंधित पदाधिकारी भी मौजूद रहे।