"आहार विहार" व प.गुरुदत्त विद्यार्थी पर गोष्ठी सम्पन्न




धनसिंह—समीक्षा न्यूज

क्या,कब,कैसे खाये यह जानना आवश्यक-प्रो.करुणा चांदना

प.गुरुदत्त विद्यार्थी ने महर्षि दयानंद के मिशन को तीव्र गति दी-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

    

गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "हमारा आहार विहार"  पर गोष्ठी व प.गुरुदत्त विद्यार्थी की 131 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह परिषद का कोरोना काल में 190 वां जूम पर वेबिनार था।

प्रो.करुणा चांदना ने कहा कि आज वर्तमान परिप्रेक्ष्य में लोग पर्याप्त पौष्टिक भोजन तो कर रहे हैं,परंतु उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अच्छा खाने के बाद भी लोग रोग ग्रसित हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि भोजन करने का सही तरीका और समय का पता न होना।उन्हें यही नहीं पता कि किस समय और क्या खाना उचित है। उन्होंने बताया कि प्रातःकाल में भरपूर भोजन करना चाहिए।प्रातःकाल का नाश्ता हमेशा भारी होना चाहिए।इसमें पर्याप्त पौष्टिक भोजन लेना चाहिए।दोपहर का भोजन सुबह के नाश्ते की तुलना में हल्का होना चाहिए। रात का भोजन सबसे हल्का होना चाहिए। यदि हम दैनिक जीवन में खान पान के समय का पालन करेंगे तो अधिक स्वस्थ रह पायेंगे।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने आर्य समाज के महान प्रचारक प.गुरुदत्त विद्यार्थी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद  की मृत्यु के पश्चात उनकी स्मृति में प.गुरुदत्त व लाला लाजपत राय जी ने मिलकर डी ए वी संस्थान की लाहौर में स्थापना की। कालांतर में डी ए वी विद्यालयों का विस्तार हो गया। उनका निधन 26 वर्ष की आयु में 19 मार्च 1890 को हुआ था, परंतु उन्होंने अल्पकाल में ही आर्य समाज के प्रमुख नेताओं में पहचान बनायी व अनेकों पुस्तकों की रचना कर दी। प.गुरुदत्त विद्यार्थी कुशाग्र बुद्धि व स्वाध्याय के धनी थे। दीपावली 1883 में महर्षि दयानंद के बलिदान के समय के दृश्य को देखकर वह नास्तिक से आस्तिक बन गए।

केन्द्रीय आर्य युवती परिषद दिल्ली प्रदेश की अध्यक्षा उर्मिला आर्या ने कहा कि फल खाना काफी लाभकारी है परंतु आज हम जिस प्रकार फल खा रहे हैं उससे हमें लाभ नहीं हो रहा है। कभी भी फलों की चाट बना कर नहीं खाना चाहिए। 

कार्यक्रम अध्यक्ष वैदिक विदुषी डॉ. कल्पना रस्तोगी ने कहा कि भोजन के बाद कॉफी या आइसक्रीम लेने का प्रचलन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। फिर भी यदि लेना ही हो तो भोजन के बाद गरम चीज ही लेनी चाहिए ठंडी नहीं।ठण्डे जल का भी सेवन नही करना चाहिए।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि हमेशा मौसमी और स्थानीय फल या सब्जियों का ही सेवन करना चाहिए।स्थानीय फल व सब्जी अधिक लाभकारी होंगे।

गायिका दीप्ति सपरा,संगीता आर्या गीत,राजश्री यादव,किरण सहगल,सविता आर्या,संतोष आर्या,आशा आर्या,जनक अरोड़ा, रमादेवी नागपाल,बिन्दु मदान, रविन्द्र गुप्ता,कुसुम भण्डारी,ईश्वर देवी आर्या,प्रवीना ठक्कर आदि ने अपने गीतों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आचार्य महेन्द्र भाई,आनन्द प्रकाश आर्य,डॉ रचना चावला, सौरभ गुप्ता,विजय हंस,अमीर चंद्र रखेजा,रामकुमार सिंह आर्य, अतुल सहगल,दुर्गेश आर्य,डी पी परमार,ललित बजाज,उर्मिला आर्या आदि उपस्थित थे।