"ऋषि दयानंद बोधोत्सव के मायने" पर आर्य गोष्टी सम्पन्न



धनसिंह— समीक्षा न्यूज   

गाजियाबाद। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में "ऋषि दयानन्द बोधोत्सव के मायने" विषय पर ऑनलाइन 188 वां आर्य वेबिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता केन्द्रीय आर्य युवक परिषद हरियाणा के प्रान्तीय प्रभारी व हरियाणा के राज्य औषधि नियन्त्रक नरेन्द्र आहूजा "विवेक" ने ऋषि दयानन्द द्वारा दिए गए आर्य वैदिक सिद्धान्तों से सीख लेकर अपने जीवन, परिवार,समाज,राष्ट्र और विश्व की सभी समस्याओं के समाधान का आह्वान करते हुए कोरोना व राष्ट्रीय सुरक्षा एकता जैसे कई विषयों पर वैदिक सिद्धान्तों से हल बताया।उन्होंने कहा कि आज महर्षि दयानंद के आदर्शों को जीवन में आत्मसात की आवश्यकता है। जैसे कोरोना संक्रमण से बचाव में वैदिक अभिवादन नमस्ते की वैश्विक स्वीकार्यता, गले मिलने के स्थान पर सामाजिक दूरी के साथ नमस्ते अभिवादन,शारीरिक वैचारिक स्वच्छता, योग यज्ञ संस्कृति से इम्युनिटी बढ़ाना, भक्ष्य शाकाहारी भोजन आदि सभी आर्य सिद्धान्त कोरोना से बचाव के वैदिक उपाय ही तो हैं। ईश्वर के सत्य स्वरूप को जान मान कर हम तथाकथित स्वयम्भु प्रभु बने गुरुओं के पाखण्ड से दूर रह कर अपने शोषण से बच सकते हैं।हम आर्य सिद्धान्त सीख कर ही अपने  जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त कर सकते हैं।हम आर्य अर्थात श्रेष्ठ बनकर ही ऋषि को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने आर्य वैदिक सिद्धान्त सर्वश्रेष्ठ है, हमे अपनी आर्य संस्कृति, गौरवपूर्ण इतिहास पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने वैदिक सिद्धान्तों को सर्वश्रेष्ठ बताया और राष्ट्रीय प्रगति में सभी नागरिकों को आर्य अर्थात श्रेष्ठ बनने का आह्वान किया।साथ ही महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा लिखित पुस्तकों को पढ़ने की अपील की जिससे जीवन में आमूल चूल परिवर्तन आ सकता है। साहित्य व विचारों की शक्ति सर्वोपरि है।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के प्रांतीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि आर्य समाज के प्रचारकों को नई ऊर्जा के साथ कार्य कर आर्य समाज की पताका को फहराने का संकल्प लेना चाहिए। आर्य युवा ब्र.दीक्षेन्द के संन्यास दीक्षा लेकर "स्वामी आदित्यवेश" बनने पर हार्दिक बधाई दी गई

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गायिका मृदुल अग्रवाल,सुषमा गोग्लानी,प्रवीना ठक्कर,ईश्वर देवी आर्या (अलवर),संध्या पाण्डेय, रविन्द्र गुप्ता,नरेश खन्ना,नरेश प्रसाद,अंजू आहूजा,डॉ रचना चावला,डॉ विपिन खेड़ा आदि ने गीतों के माध्यम से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

आचार्य हरिओम आर्य ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद करते हुए शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

इस अवसर पर सौरभ गुप्ता,ईश आर्य, स्वतंत्र कुकरेजा, रामकुमार आर्य, प्रो.नरेन्द्र सोनी, आनंद प्रकाश आर्य, इंदु मेहता, निर्मल वधवा, राहुल चौहान आदि उपस्थित रहे।