संत कबीर ने धार्मिक-पाखंड और विषमता दूर करने का प्रयास किया: वीरेन्द्र यादव एडवोकेट


धनसिंह—समीक्षा न्यूज

साहिबाबाद। ज्ञानमार्गी शाखा के संत शिरोमणि कबीर साहिब के प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर जी0 टी0 रोड साहिबाबाद “शहीदे आजम भगत सिंह. राज गुरु, सुखदेव पार्क” के प्रांगण  में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया| कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार अवतार सिंह (काले) ने किया, इंजी० धीरेन्द्र यादव ने आयोजन, संचालन सुनील चौहान ने किया| मुख्यवक्ता जिला महासचिव समाजवादी पार्टी जनपद ग़ाज़ियाबाद वीरेन्द्र यादव एडवोकेट रहे| संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष रामदुलार यादव ने समारोह में शामिल सभी बहनों, भाइयों का आभार व्यक्त किया, मीठा पानी का वितरण हजारों लोगों में किया गया| 

    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि सैकड़ों वर्ष पहले संत कबीर ने धार्मिक-पाखंड और विषमता दूर करने का प्रयास किया| जातिवाद, ऊंच-नीच, छुआछूत मिटाने की अलख जगाई, आडम्बर और रुढ़िवाद, परम्परावाद, मूर्ति पूजन का खंडन किया| समाज में प्रेम, समता, समानता, भाई– चारे का संदेश दिया, उनके विचार आज भी उतने ही महत्वपूर्ण और प्रांसगिक है| जब लोग अनपढ़ थे, सामाजिक कुरीतियों के शिकार थे, लेकिन आज भी कमोवेश वही स्थिति है, जब हम शिक्षित हो गये, हमने कभी गंभीरता से यह नहीं सोचा की हम 21वीं शदी में जी रहे है| हमें नफरत, विषमता के वातावरण का समूल नाश कर देश समाज में भाई–चारा, सहिष्णुता,  प्रेम का प्रसार करना चाहिए| तभी हम कबीर साहिब के प्रकटोत्सव दिवस मानने के अधिकारी होंगे|

   लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष रामदुलार यादव ने कहा कि कबीर साहिब अद्भुत, विलक्षण प्रतिभावान, निडर संत थे, वे सच्ची अच्छी बात को व्यक्ति, से मनवाने की कला में निपुण थे| वह मस्त-मोला थे| यधपि वह पढ़े–लिखे नही थे, लेकिन अनूभवी थे, उनका कहना है कि “मसि कागज छुये नहीं, कलम गही ना हाथ| सुनी सुनाई ना कही, देखन देखी बात”|| आज असत्य, भाषण, झूठ और प्रपंच फैलाया जा रहा है, इसके माध्यम से जनता को अंधकार में रखकर गुमराह किया जा रहा है, लोग भय, अंधभक्ति, अंधकार में जी रहे है, कबीर साहिब ने अपने रचनाओं के माध्यम से लोगो को जगाने का कम किया, उन्होंने कहा है कि “संतो यह सारा जग बौराना, साँच कहे जग मारन धावे, झूठे जग पतियाना”|

    हमें कबीर साहिब के बताये मार्ग पर चल कर प्रेम सदभाव, भाई–चारा का माहौल बनाने के साथ झूठों के झांसें में नहीं आना चाहिए, कबीर साहिब के प्रति असली श्रद्धांजलि यही होगी|

    कार्यक्रम शामिल रहे रामदुलार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, बाबू सिंह आर्य (पार्षद), आदिल मलिक (पार्षद), हाजी मोहम्मद सलाम, सरदार अवतार सिंह काले इंजी0 धीरेन्द्र यादव, संजू शर्मा, अवधेश यादव, बिन्दू राय, रेनूपुरी, शबाना, अनीता सिंह, मुकेश शर्मा शिक्षाविद, वीर सिंह सैन, आरती सिंह, कमलेश, ममता, ब्रह्मप्रकाश, मुनीब राम यादव, आरती, सुनील चोहन, अनीता, सचिन पांचाल, अजय, गौरव, रिजवान, शिवानन्द चोबे, सुरेन्द्र यादव, गुड्डू यादव, हरदीप सिंह, किसन पाल यादव, सुशील वर्मा, एस0  पी0 छिब्बर, असलम, मोनू चोहान, इमरान, माजिद ठाकरान, फौजुद्दीन, किशन यादव, रामप्यारे यादव, पप्पू सिंह, उदय प्रताप, प्रेमचन्द पटेल, हरी किशन, अमर बहादुर, अंकित राय, राजीव गर्ग, केदार सिंह आदि|