महान सन्त, समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद की “स्मृति दिवस” आयोजित


धनसिंह—समीक्षा न्यूज

गाजियाबाद। “डा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम नि;शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय” ईदगाह रोड पसोंडा के प्रांगण में भारत के पुनर्जागरण के 19वीं शताब्दी के महान सन्त, समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद का “स्मृति दिवस” आयोजित किया गया, आयोजन समाजवादी पार्टी विधानसभा साहिबाबाद उपाध्यक्ष माजिद ठाकरान ने, अध्यक्षता इलियास प्रधान ने किया, संचालन महिला सभा की जिला उपाध्यक्ष गाजियाबाद संजू शर्मा ने किया, समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्य कार्यकारिणी सदस्य राम दुलार यादव मुख्य वक्ता भी कार्यक्रम में शामिल रहे, कमजोर वर्गों व बच्चों में फल, मैगी, बिस्कुट, नमकीन और चिप्स का वितरण किया गया, समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट जनपद गाजियाबाद के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ| कार्यक्रम को वरिष्ट नेता चौधरी शमशाद भाई ने भी सम्बोधित किया| महिला उत्थान संस्था की अध्यक्ष बिन्दू राय सहित सभी कार्यक्रम में शामिल साथियों ने महान विचारक स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया|



  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता राम दुलार यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत है, उन्होंने कहा है कि “जागो, उठो और तब तक प्रयत्न करो जब तक लक्ष्य न प्राप्त हो जाय”, उन्होंने शारीरिक, मानसिक और चरित्र निर्माण पर बल दिया, असामाजिक तत्वों, अत्याचार, अनाचार करने वालों का विरोध करने की शिक्षा नवजवानों को दी, तथा कहा कि तन, मन को बलिष्ट बनाकर यह सम्भव है, स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को ही गरीबी, दरिद्रता और दुःख का कारण बताया, जब तक व्यक्ति पूर्ण शिक्षित नहीं होगा समाज, देश उन्नति नहीं कर सकता| वे व्यवहारिक शिक्षा के प्रबल पक्षधर थे, उनका मानना था कि राष्ट्र का गौरव महलों में तभी तक सुरक्षित है, जब झोपड़ियों की दशा में पूर्ण सुधार हो| उन्होंने कहा है कि “मै उस भगवान में विश्वास नहीं करता जो वंचितों और विधवाओं के न आसूँ पोछ सकता, न भूखे के पेट में रोटी का टुकड़ा डाल सकता” उन्होंने मूर्ति पूजा को अनावश्यक मानते हुए कहा कि दरिद्र, शोषित, लाचार की सेवा करना ही सबसे उत्तम धर्म है|

   कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि 1893 में अन्तर्राष्ट्रीय धर्म सम्मलेन शिकागो में विवेकानंद ने धार्मिक कर्मकांडों और अन्धविश्वास को मानने वालों की घोर आलोचना की, विदेशी भी उनके विचार से प्रभावित हुए, उन्होंने आज के पथभ्रष्ट और विखंडित समाज को जोड़ने का कार्य किया| उन्होंने विश्व के भ्रम को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई की भारत सपेरों, असभ्य तथा अज्ञानियों का देश है, वे मानवतावादी थे तथा समाज में द्वेश और नफ़रत, असहिष्णुता फ़ैलाने वालों के घोर विरोधी थे| वे सद्भाव, प्रेम, न्याय, सहयोग, भाईचारा देश, समाज में कायम हो प्रबल पक्षधर थे, जो लोग रूढ़िवाद, अन्धविश्वास, जंगली कानून, दूषित परम्पराओं को मानते है उन पर उन्होंने गहरी चोट की|

   स्मृति दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए चौधरी शमशाद भाई ने वीरेन्द्र यादव एडवोकेट की शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने तथा पसोंडा में नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय वर्षों से संचालित करने के सद्कर्म की सराहना की|

   डा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम पुस्तकालय से अध्ययन कर सफलता प्राप्त कर  सैफई मेडिकल कालेज में MBBS में प्रवेश पाये छात्र कादिर सैफी को माला पहना लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव ने सम्मानित किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा उनके माता-पिता का भी आभार व्यक्त किया|

   श्रमिक बस्ती राजेन्द्र नगर, मोहन नगर इंडस्ट्रियल एरिया में सरदार अवतार सिंह काले के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद का स्मृति दिवस आयोजित किया गया, कार्यक्रम में चित्र पर पुष्प अर्पित कर कमजोर वर्ग के सैकड़ों बच्चों में खाद्यान्न सामग्री का वितरण जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, अवधेश यादव नेता तथा कई समाजवादी साथियों ने किया|  



   स्मृति दिवस समारोह में शामिल रहे, सरदार अवतार सिंह (काले) अध्यक्ष विधान सभा साहिबाबाद, अवधेश यादव, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, हाजी ताहिर, राशिद चौधरी, माजिद ठाकरान, तनवीर चौधरी, चौधरी फौजुद्दीन, चौ0 खचेडू, अब्दुल रहमद, मा0 अलीशेर, वाजिद चौधरी, मोसीन, हासम, वशीम अकरम, इलियास प्रधान, जमालुद्दीन, साजिद भाई, मो0 आसू, मासिद, तेज बहादुर भारती, बिन्दू राय, संजू शर्मा, रेनूपुरी, अनिता सिंह, आरती, अनीता शर्मा, आरती सिंह आदि।