वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने शहीद चन्द्र शेखर आजाद की जयंती “सदभाव, भाई-चारा दिवस” के रूप मनाई


धनसिंह—समीक्षा न्यूज  

गाजियाबाद। महान क्रान्तिकारी अदम्य साहसी, विलक्षण प्रतिभावान प्रत्युत्पन्नमति कठोर परिश्रमी, विपरीत परिस्थितियों में पीड़ा झेलने वाले शहीद चन्द्र शेखर आजाद का जन्म दिन समारोह समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव ग़ाज़ियाबाद वीरेन्द्र यादव एडवोकेट के नेतृत्व में “सदभाव, भाई-चारा दिवस” के रूप में ज्ञान पीठ केन्द्र जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में मनाया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता बाबू सिंह आर्य, पूर्व पार्षद नगर-निगम ने, आयोजन इन्जी0 धीरेन्द्र यादव ने, संचालन संजू शर्मा जिला उपाध्यक्ष महिला सभा ने किया, समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता राज्य कार्यकारिणी सदस्य उ0 प्र०0 रामदुलार यादव कार्यक्रम में शामिल रहे|

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि निर्भीकता की प्रतिमूर्ति चंद्रशेखर आजाद 14 वर्ष की अवस्था में ही असहयोग आन्दोलन में गिरफ्तार हुए तथा न्यायाधीश ने पूंछा तुम्हारा नाम? आजाद, तुम्हारे पिता का नाम? स्वतंत्रता, तुम्हारा निवास? जेलखाना, उस मुकद्दमे की सुनवाई में उन्हें 15 कोड़े मारने की सजा हुई, वह वेहोश हो गए लेकिन विचलित नहीं हुए “भारत माता की जय, महात्मा गांधी की जय” का उदघोष करते रहे| हिन्दुस्तान सोसलिस्ट रिपब्लिकन एसोशिएशन के प्रमुख कर्ता-धर्ता रहे| क्रांतिकारियों का मकसद भारत के केबल व्रिटिश शासन से मुक्त कराना ही नहीं था बल्कि शोषण विहीन, समता, सम्पन्नता युक्त भारत बनाना था, चंद्रशेखर आजाद हर तरह से शोषण के विरोधी थे, कमजोर वर्गों की सेवा इनका मकसद था, आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव महान बलिदानियों के शोषण विहीन समाज बनाने, सदभाव, भाई-चारा समाज और देश में मजबूत हो, इनके सपनों का भारत बने, देश का हर वर्ग सदभाव, भाई-चारे से रहे तथा हर वर्ग किसान, मजदूर, बेरोजागार नवजवान, छात्र और महिलाओं के कल्याण के लिए संघर्षरत है|  

     रामदुलार यादव ने कहा कि देश की आजादी में हजारों दीवानों ने प्राण न्योछावर कर दिए, उन क्रांतिकारियों ने अपने लहू से देश को स्वतंत्र करवाया, उनका उद्देश्य था कि “देश जब आजाद हो जायेगा, तो शासन भारतवासियों के हाथ में होगा” यहाँ, समता, समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना होगी, जिससे पाखण्ड का विनाश होगा, मानव धर्म सर्वोपरि होगा, लेकिन आज उन क्रांतिकारियों के सपनो का भारत हम नहीं बना पाए, यहाँ अशिक्षा, गरीबी, असमानता, शोषण, नफरत का वातावरण है, वैशविक महामारी कोरोना ने देश में बेरोजगारी, बेकारी को उजागर कर दिया, सरकार जनता की आवश्यक आवश्यकता की पूर्ति भी नहीं कर पाई| लोकतंत्र को कमजोर करने की पूरी साजिश है, असहमति का देश द्रोह माना जा रहा है, लोकतंत्र पारदर्शी होता है, वह जितना छुपाया जायेगा, झूठ बोला जायेगा उतना ही लोकतंत्र कमजोर होगा, वर्तमान सरकार न जन आकांक्षाओ का ध्यान रख रही है, न संबैधानिक संस्थाओं के अधिकार की रक्षा कर रही यहाँ तक की लोकतंत्र के चौथे खम्बे पर प्रहार किया जा रहा है, यह देश की गरिमा के प्रतिकूल है| लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमें महान क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है| जिन्होंने यातनांए झेल कर, शहीद हो हमें गुलामी से मुक्त कराया|

   समाजवादी पार्टी के वारिष्ट नेता बाबू सिंह आर्य ने समारोह में शामिल सभी भाई-बहनों का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की| अन्त में फल वितरित किया गया| 

     कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: बाबू सिंह आर्य, रहमत मियां, सरदार अवततार सिंह काले, अनीता सिंह, संजू शर्मा, विन्दु राय, रेनूपुरी, लक्ष्मी यादव, ज्योतिषाचार्य पंडित विनोदानन्द, दयाल शर्मा, अरशद रिजवी, हाशिम अल्वी, शबाना, आमिर अल्वी, सुहैव आलम, सुमन, सुनीता, कल्पना यादव, धर्मवती, विजय, गायत्री कुमारी, ओम प्रकाश अरोरा, राम करन, मंजू, त्रिभुवन, विमला, सुशीला, राहुल आर्य, रवि परिहार,  हरी किशन, पप्पू सिंह, अखिलेश कुमार शुक्ल, राजीव गर्ग, अंकित राय, अमर बहादुर यादव, राकेश गिरी, प्रेम चन्द पटेल, संजीव मिश्रा, धर्मेन्द्र, अभय राम आदि|