उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ में हुए हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले की हो निष्पक्ष जांच


समीक्षा न्यूज नेटवर्क

ग़ाज़ियाबाद : राज्य सभा सांसद व यू पी प्रभारी संजय सिंह के आह्वान पर आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर जल जीवन  मिशन योजना में हुई गडबडी को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौपा गया।

आप जिलाध्यक्ष चेतन त्यागी ने कहा कि सांसद श्री संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में हजारों करोड़ों रुपए के घोटाले का भण्डाफोड़ किया है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत वर्ष 2020-21 में राज्यों को ₹1 लाख 20 हजार करोड़ का आवंटन किया गया था। किंतु, इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा किए गए लगभग हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत हर घर पानी पँहुचाने हेतु पाइप सप्लाई का कार्य ‘रश्मि मटेलिक्स’ नामक कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी का भ्रष्टाचार एवं निकृष्ट पाइप बनाने में लिप्त रहने का इतिहास रहा है, जिससे सम्बंधित विभिन्न तथ्य निम्न प्रकार है -

केंद्रीय आर्थिक सूचना ब्यूरो (CEIC) ने अपनी जाँच में पाया था कि यह कंपनी फ़र्जी निवेश तथा फ़र्जी शेल कंपनियाँ बनाने में भी लिप्त है।

मध्य प्रदेश, पंजाब तथा प. बंगाल समेत देश के 8 राज्यों तथा सेना के द्वारा इस कंपनी को भ्रष्टाचार एवं निम्न गुणवत्ता के कारण ब्लैक लिस्टेड किया हुआ है।

जिला उपाध्यक्ष भावना बिष्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में योजना के कार्यकारी निदेशक, यूनिट कोऑर्डिनेटर, परियोजना प्रबंधक तथा पूर्व मुख्य अभियंता ने अपनी रिपोर्ट्स में कहा है कि इस कंपनी द्वारा बनाए गए पाइप मानकों के अनुरूप नहीं है।

प्रदेश प्रवक्ता तरुणिमा श्रीवास्तव ने कहा कि सब तथ्यों के बावजूद भी राज्य जल शक्ति मंत्री द्वारा नियमों को ताक पर रखकर ‘रश्मि मटेलिक्स’ कंपनी को पाइप सप्लाई का कार्य दे दिया गया है ।

जिला महासचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के क्रियान्वयन में भारी आर्थिक अनियमिततायें सामने आयी है, जो कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा लगभग ₹1580 एवं ₹1501 में संपन्न हो जाता है, वही कार्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग ₹2065 एवं ₹2100 में करवाया जा रहा है। इस तरह भ्रष्टाचार के कारण राज्य में मिशन के हर कार्य के लागत सामान्य से 30% से 40% तक बढ़ गई है। वहीं थर्ड पार्टी इन्स्पेक्शन के लिए भी यूपी सरकार ने 1.33% धन खर्च किया है जबकि केरल ने 0.04% और चेन्नई ने 0.15% में ही इसे संपन्न कर लिया। इस तरह से उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत भारी आर्थिक अनियमितता एवं भयानक भ्रष्टाचार सामने आया है ।

जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता मनोज त्यागी ने कहा कि इस अतिगंभीर मामले को सीबीआई को सौंप कर जांच करवाएं, जिससे पारदर्शिता के साथ दूध का दूध पानी का पानी होकर दोषियों को सख्त सजा मिले । 

इस अवसर पर जिला सचिव सुजाता शर्मा,वरिश्ठ जिला उपाध्यक्ष विजय शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष साहिबाबाद विधानसभा प्रभारी छवि यादव,एस पी सिसोदिया, जिला मीडिया प्रभारी अधिवक्ता मनोज त्यागी, दिलशाद खान,जिला उपाध्यक्ष भावना बिष्ट जिला उपाध्यक्ष शिव बाबू पाठक महिला प्रकोष्ठ कल्पना वर्मा,सचिन तेवतिया, हरेंद्र शर्मा,बाबा चौधरी, अधिवक्ता इरफान अहमद,शरदेन्दु शर्मा,रजनीश तेवतिया,देव वर्मा, अभिषेक सीकरी, मिश्रा,राशिद सिद्दकी,जतिन शर्मा,शैलेष कुमार,पंकज झा,आर बी सैनी,सोढ़ी सिंह,मोनू सिंह,रजनीश सिंह, ज्योतिषाचार्य दीपक वर्मा,संजय सिंह,संजय उपाध्याय,फ़ाज़िल अहमद,आदि उपस्थित रहे।