भारत छोड़ो आंदोलन मेंं किसान, मजदूर, व्यापारी,छात्र, युवा, महिलाएं सभी एक जुट बढ़ चढ़ कर भाग लिया था: वीरेन्द्र यादव


धनसिंह—समीक्षा न्यूज 

गाजियाबाद। “लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट” द्वारा अगस्त क्रान्ति के नायकों को स्मरण करने के लिए महात्मा गांधी के आह्वान पर “अंग्रेजों भारत छोड़ो तथा करो या मरो संघर्ष में समाजवादियों की भूमिका” विषय पर गोष्टी का आयोजन, महात्मा गांधी हाल, एस-52 लोनी रोड, मोहन नगर, इंडस्ट्रियल एरिया साहिबाबाद के प्रांगण में मनाया जा रहा है, कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्भट विद्वान, कवि, लेखक डॉ0 विशन लाल गौड़ पूर्व प्राचार्य अतर्रा महाविद्यालय ने किया| इस कार्यक्रम का नेतृत्व वीरेन्द्र यादव एडवोकेट जिला महासचिव समाजवादी पार्टी जनपद गाजियाबाद, संचालन शिक्षाविद मुकेश शर्मा ने किया| आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया| लोक शिक्षण अभियान के संस्थापक/अध्यक्ष रामदुलार यादव मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल रहे, मुख्य अतिथि प्रमोद कुमार, अर्चना जी ने विचार व्यक्त किया, कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का शाल ओढ़ाकर स्वागत-अभिनन्दन किया गया| तथा भारत छोड़ो आंदोलन में शहीद हुए क्रांतिकारियों, यातनाएँ  झेलने वाले महापुरुषों को स्मरण किया गया| वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का शाल-माला पहना सम्मानित किया|   

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यवक्ता रामदुलार यादव ने कहा कि 1857 के स्वतन्त्रता आंदोलन के बाद ब्रिटिश सरकार केविरुद्ध “भारत छोड़ो आंदोलन” सबसे बड़ा आंदोलन था, इस आंदोलन में कांग्रेस पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, “गांधी का चरखा चलाना पड़ेगा, गोरो को लंदन जाना पड़ेगा| जैसे ही कांग्रेस की कार्य समिति ने ब्रिटिश हुकूमत का प्रस्ताव पारित किया कि अंग्रेज़ो भारत छोड़ो, कांग्रेस के सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, अब इस आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस सोशिलिस्ट पार्टी के नेताओ के हाथ में आ गया , उन्होने इस आंदोलन को चलाने में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई, अशोक मेहता, आचार्य नरेन्द्र देव को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया| जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में रामानन्द मिश्र और कई नेता हजारी बाग जेल  की दीवार फांदकर भूमिगत आंदोलन चला रहे थे|एडवोकेटआसिफ अली भी गिरफ्तार कर लिए गए थे वह जिस ट्रेन में पुलिस आयुक्त उन्हे बैठने के लिए ले गया अब्दुल कलाम, आजाद जी को उसी ट्रेन में ले जाया गया ग्वालिया टैक मैदान में झण्डा फहराना था, अरुणा आसिफ अली अपने पति को ट्रेन में विदाई करने आई थी आजाद की नजर जब उन पर पड़ी अरुणा जी ने कहा कि आप का कार्य पूर्ण होगा वह ग्वालिया टैक मैदान चली गई निर्भीकता पूर्वक  भीड़ को चीरती हुई भारतीय झण्डा को फहरा दिया| इस आंदोलन में जय प्रकाश नारायण, डॉ0 राम मनोहर लोहिया,उषा मेहता, अच्युत पटवर्धन,अरुणा आसिफ अली, युसुफ मेहर अली जिन्होंने अंग्रेज़ो भारत छोड़ो नारा दिया था महत्व पूर्ण भूमिका रही| 

वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की विशेषता थी कि इसमे किसान, मजदूर,व्यापारी,छात्र, युवा, महिलाएं सभी एक जुट बढ़ चढ़ कर भाग लिया, अंग्रेजों ने इस आंदोलन को दबाने में पूरी ताकत लगाई हजारों लोग शहीद हो गए, बड़ी तादाद में लोग जेल में ठूंस दिये गए यातनाए झेली, डॉ0 राम मनोहर लोहिया ने उषा मेहता के साथ कांग्रेस रेडियो का प्रसारण भी बंबई से किया जिसका प्रभाव आम जनता को अंग्रेज़ो की कार गुजरियों की पल-पल की खबर किसानो, मजदूरो,गावों,कस्बो और शहरों में पहुँचती गयी और लाखो लोगो ने इस आंदोलन में भाग लिया,समाज वादियो ने अंग्रेजों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि देर सबेर हमे भारत को छोडना ही पड़ेगा, यद्यपि इस आंदोलन में जन-धन की बहुत हानि हुई |अंशु ठाकुर, राम प्यारे यादव, मौलाना अब्बास, एस0 एस0 प्रसाद, सरदार अवतार सिंह काले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया|

कार्यक्रम में वीरेन्द्र यादव एडवोकेट जिला महासचिव गाजियाबाद द्वारा डॉ0 बिशन लाल गौड़, प्रमोद कुमार, मौलाना अब्बास, एस0 एस0 प्रसाद, सरदार अवतार सिंह काले, रवि दत्त निमेष, शहाबुद्दीन को शाल भेंट, माला पहना कर सम्मानित किया, अर्चना भारती, आशी चौधरी का सम्मान, संजु शर्मा, विंदू राय, रेनू पुरी, शबाना, अनीता सिंह, लक्ष्मी यादव, गोमती राजपूत ने माला पहना शाल भेंट कर किया| 

कार्यक्रम  में मुख्य रूप से शामिल रहे:- कृष्णा यादव, रहमत अली, प्रताप सिंह, हरी शंकर वर्मा, सतीश सोनी, राजेश यादव, इमरान रिजवान, संजय सैन, अवधेश यादव, महेंद्र यादव, सुनील चौहान, आनंदी पाल, समीम अलबी, फ़ौजुद्दीन। विनोद कश्यप, अनीता वर्मा, सुरेन्द्र यादव, गुड्डू यादव, उपेंद्र यादव, सुशीला देवी, योगेश कुमार, रवि ठाकुर, विजय शर्मा, दयाल शर्मा आदि शामिल रहे|