बेरोजगारी और महंगाई ने तोड़ दी मजदूरों की कमर: भारतीय मजदूर संघ


समीक्षा न्यूज संवाददाता

लोनी। कोरोना के महामारी के लगातार फैलने के बाद औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट, बढ़ती हुई बेरोजगारी व वेतन कटौती और अब आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी सामान्य जन हो बुरी तरह प्रभावित कर रही है उपभोक्ता महंगाई आम जनता के साथ-साथ श्रम को कर्मचारियों को विशेष तौर पर प्रभावित कर रही है विगत 18 माह से महंगाई दर 6% की सीमा पार कर चुकी है जबकि पिछले 5 वर्षों में महंगाई दर 3 से 5% के बीच रही। खाद पदार्थों एवं दवाइयों के मूल्यों में तीव्र वृद्धि ने जनता एवं श्रमिकों कर्मचारियों का जीवन कठिन बना दिया है अंतर्राष्ट्रीय मूल्यों में बढ़ोतरी के नाम पर देश में खाद तेलों की कीमतें बढ़ाई जा रही है सरकार को यह अनचाही आयातित महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए कंपनियां उपभोक्ताओं को लूटने के लिए कालाबाजारी करके मौके  का अनुचित फायदा उठा रही हैं केंद्र सरकार द्वारा अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम के धारा।3,1 मे से खाद्य तेल तिलहन दलहन प्याज और आलू को मुक्त कर दिया गया है सरकार की भावना किसानों की मदद के लिए हो सकती है परंतु इसका लाभ सटोरियों और काला बाजार यो ने उठाया और बाजार के इसकी कृतिम कमी करके मूल्यों में अत्यधिक वृद्धि भी की है

कच्चे तेल धातु आज की कीमतों में बढ़ोतरी आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों की बढ़ोतरी का कारण है देश में भवन निर्माण कार्य महंगा होता जा रहा है।

भारतीय मजदूर संघ लोनी गाजियाबाद के जिला मंत्री विजेंद्र, महावीर महतो, दीपक कुमार मीडिया प्रभारी और लोनी नगर अध्यक्ष देवेंद्र कुमार नगर मंत्री नरेश पांचाल कोषाध्यक्ष पिंटू जी कार्यालय मंत्री अच्छे लाल जी संयुक्त मंत्री जीतू कुमार मीडिया प्रभारी अक्षय कुमार अन्य कार्यकर्ताओं के साथ उपस्थित रहे।