विश्वकर्मा महाराज की पूजा भारत में ही नहीं पूरे विश्व में की जाती है: रामदुलार यादव




धनसिंह—समीक्षा न्यूज   

गाजियाबाद। दुर्गा इंटरप्राइजेज जी0 टी0 रोड, साहिबाबाद परिसर में “महिर्ष विश्वकर्मा भगवान” का पूजा कार्यक्रम आयोजित किया गया। राम अवतार ठेकेदार ने आयोजन किया, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम दुलार यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हो पूजा में भाग लिया, रामविलास पासवान, राजदेव, अमरदीप, रामकरण, संजय पासवान, मंजू पासवान, शोभा पासवान, महिला उत्थान संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु राय ने भी पूजा की। संजीव राय एडवोकेट, अंशु पासवान ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। पूजा के पश्चात भोजन भंडारा प्रसाद सैकड़ों लोगों ने ग्रहण कर भगवान विश्वकर्मा को स्मरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व कार्यकारिणी सदस्य उ0 प्र0 रामदुलार

यादव ने विश्वकर्मा पूजा अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को बधाई दी तथा सुख, समृद्धि, संपन्नता की कामना की, और कहा कि विश्वकर्मा महाराज की पूजा भारत में ही नहीं पूरे विश्व में जहां भी भारतवासी हैं, बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है, आज स्टील व्यापारी, उद्योगपति अपने इंडस्ट्री में, इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम करने वाले बिल्डिंग ठेकेदार तथा मिस्त्री समेत सभी प्रकार के कारीगर जो लोहे से संबंधित कार्य करते हैं, विश्वकर्मा पूजा धूमधाम, हर्षोल्लास से मनाते हैं, भगवान विश्वकर्मा देवताओं के शिल्पकार और वस्तुकार के प्रथम उच्च कोटि के अभियंता रहे। भगवान कृष्ण ने अपने मित्र सुदामा के महल को शीघ्र बनाने और उन्हें समर्पित करने में विश्वकर्मा जी से ही पूर्ण सहायता ली, तथा बहुत कम समय में भव्य भवन बना दिया। आज हमें इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा जी से प्रेरणा लेकर उच्च कोटि की इंडस्ट्रीज लगानी चाहिए तथा भवन निर्माण में उच्च गुणवत्ता पूर्ण सामग्री का प्रयोग कर भव्य भवन निर्मित करना चाहिए। उद्योग धंधे, भवन निर्माण में, लाखों लोगों को रोजगार मिलता, आज आर्थिक मंदी से भवन निर्माण और उद्योग धंधे चौपट हो गए, 12 करोड़ से अधिक लोग वैश्विक महामारी कोरोना में बेरोजगार हो गए, हर वर्ग तबाह हो गया, भगवान विश्वकर्मा जी को आधुनिक टेक्नोलॉजी से प्रेरणा ले सृजन के हर क्षेत्र में अधिक से अधिक काम करने की

आवश्यकता है तभी इस आर्थिक मंदी से निकल सकते हैं। कार्यक्रम में शामिल रहे:- विनोद, दिनेश, तन्नु, लोकेश, सुशीला, मान कुमारी, कुसुम, जुला देवी, सुनीता, इमरत, उर्मिला, राकेश आदि शामिल रहे।