गोहांड के कैमोखर का शवदाह गृह चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट, भाजपा नेता ने की जांच करा कर कार्यवाही की मांग


दीपेन्द्र सिंह—उप सम्पादक

समीक्षा न्यूज  

गोहांड, हमीरपुर। बीते करीब पांच साल पहले गोहांड ब्लाक के कैमोखर गांव में बनाये गए शवदाह गृह में हुई बड़ी धांधली के कारण उसकी दीवालें दरक गईं तो साथ में अधूरे बने शवदाह गृह की छत भी टूट गयी। गाँव के भाजपा नेता ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेज शवदाह गृह में हुए घोटाले की जांच कराने व दोषियों पर कार्यवाही कराने की मांग की है। 

वैसे तो गोहांड ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में हो रही धांधली का मामला कोई नया नहीं है। इस विकास खण्ड के अनेकों गांवों में सचिवों व प्रधानों की मिलीभगत से प्रतिवर्ष लाखों की धांधली कर सरकारी धन का बंदरबांट किया जाता है। 

मुख्यमंत्री को लिखे हुए पत्र के माध्यम से भाजपा नेता विष्णु कुमार द्विवेदी ने बताया कि 2014-15 में ग्राम प्रधान दृगपाल यादव व तत्कालीन सचिव द्वारा गांव में शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था। आरोप लगाया कि जिसका निर्माण होते ही उसका पिलर धंस गया था। इसके अलावा शवदाह ग्रह अधूरा बनवाया गया था। आरोप लगाया कि शवदाह गृह का का पूरा पैसा आ जाने के बावजूद भी उसका निर्माण पूरा नहीं कराया गया है। जबकि उस पैसे का तत्कालीन सचिव व प्रधान द्वारा बंदरबांट कर दिया गया। बताया कि क्षतिग्रस्त शवदाह गृह की छत टूट चुकी है। ग्रामीण मौत के मुंह में जाकर अपने परिजनों के शव का अंतिम संस्कार करते हैं। आरोप लगाया कि पूर्व प्रधान के दबंग होने के कारण पूर्ववर्ती सरकारों में की गई शिकायतों का कोई निस्तारण नहीं किया गया। भाजपा नेता ने प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। इस सम्बंध में उपजिलाधिकारी सरीला अजीत परेश का कहना है कि प्रार्थना पत्र मिलने पर जांच करायेंग।