दशहरे पर ध्यान योग शिविर का किया आयोजन


धनसिंह—समीक्षा न्यूज  

ध्यान योग द्वारा विनाशी शरीर से अविनाशी को अनुभूत किया जा सकता है-नवनीत प्रिय दास

ध्यान करने वाले साधक को ध्यान योग से आश्चर्यजनक लाभ होते हैं-मनमोहन वोहरा

गाजियाबाद। अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान पंजीकृत द्वारा राज नगर सेक्टर -4,स्थित मानव ओषधि पार्क में दशहरे (विजयदशमी) के पर्व पर ध्यान योग शिविर का आयोजन किया गया। श्री देवेंद्र बिष्ट जी ने ओम की ध्वनि और गायत्री मंत्र से सत्र को प्रारंभ किया।

योग शिक्षक राजेश शर्मा ने साधकों को सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया और उसके लाभों की चर्चा की।

संस्थान के बौद्धिक प्रमुख आदरणीय श्री नवनीत प्रिय दास जी ने दशहरे के इतिहास एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन पर्वों के मनाने के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। वर्ष में नवरात्र दो बार आते हैं चैत्र मास और आश्विन मास में,इन मासों में ऋतुओं का परिवर्तन होता है सेंसिटिव लोग इससे प्रभावित होते हैं इसलिए आयुर्वेदाचार्यों ने कहा है कि इन दिनों में अल्पाहार लेंगे तो प्रभावित नहीं होंगे।दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है भारत योगियों का देश है,पर्यावरण का देश है,यहां चित्र की पूजा नहीं अपितु चित्र के पीछे छिपे चरित्र की पूजा करनी चाहिए उन्होंने कहा कि स्वार्थ लिपत्ता मनुष्य को पाप की ओर धकेल देती है और निस्वार्थ लिपत्ता सेवा पुण्य की ओर ले जाती है इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज भीतर के रावण को दहन करने की आज आवश्यकता है।आज के दिन यह संकल्प लें कि हम किसी से बदला ना लें अपितु अपने विचारों से उसको बदल दें सत्संग की महिमा का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि इससे जीवन में परिवर्तन आता है। आज हमें राम बनना है। उनके आदर्श को जीवन में अपनाना है। अच्छे संग से जवानी महक जाती है और बुरे संग से पतन की ओर चली जाती है।संस्कारित युवा पीढ़ी ही राष्ट्र की धरोहर है। योगी योग मार्ग पर चलकर मोक्ष की प्राप्ति करते हैं। योगी से देश का कल्याण निश्चित होता है।ध्यान योग द्वारा विनाशी शरीर से अविनाशी को अनुभूत किया जा सकता है इसलिए सदा समय का सदुपयोग कर अविनाशी प्रभु की और बढें।

संस्थान के उपाध्यक्ष श्री मनमोहन वोहरा ने साधकों को ध्यान मुद्रा मे बैठाकर शांत मन से ईश्वर का मुख्य और निजनाम ओम का श्वांस प्रश्वांस गुंजार कराया और आठों चक्रों पर शनेः शनेः ध्यान करने के लिए कहा जिससे सभी को परम शांति का अनुभव हुआ।

उन्होंने कहा कि ध्यान करने वाले साधक को ध्यान से आश्चर्यजनक लाभ होते हैं।हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिये नियमित ध्यान बेहद मददगार साबित होता है।

मानसिक चंचलता और अस्थिरता पर नियंत्रण होता है।मानसिक तनाव,चिंता,भय और हीनभावना से छुटकारा मिलता है।कमजोर दिमाग और याद्दाश्त की समस्या से मुक्ति मिलती है।

संस्थान के अध्यक्ष के के अरोड़ा ने आगामी कार्यक्रमों की सूचना दी और सभी को हास्यासन कराया।

संरक्षक डा आर के पोद्दार ने सभी साधकों का विजय दशमी पर्व समारोह में भाग लेने पर आभार व्यक्त किया और कहा कि योग हमारे मन मस्तिष्क को ठीक करता है,इससे हम तनाव मुक्त रहते हैं।

मंच संचालक प्रदीप त्यागी ने सभी को दशहरा पर्व की बधाई दी और कहा कि जिस तरह से आज हम इस पर्व पर इकठ्ठे हुए हैं यह समन्वय शरीर आत्मा आसान को तैयार करता है,ध्यान साधना से एकाग्रता आती है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वश्री अशोक शास्त्री,सुभाष गर्ग,डी०एन०शर्मा,मनमोहन वोहरा एवं ओषधिपार्क के सभी योग शिक्षक- शिक्षिकाओं तथा साधकों ने भाग लेकर अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती प्रमिला सिंह ने वैदिक प्रार्थना व शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न कराया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री रतन लाल गुप्ता,सीए के के कोहली,राजेश शर्मा,हरिओम, एवं श्रीमती सीमा गोयल,वीना वोहरा,प्रवीण आर्य आदि उपस्थित रहे।