जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने पुस्तकालय को की नि:शुल्क पुस्तकें भेंट


धनसिंह—समीक्षा न्यूज  

साहिबाबाद। ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने ए०पी0जे0 अब्दुल कलाम नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय ईदगाह रोड पसोंडा के संचालक फौजुद्दीन को उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी छात्रों के अध्ययन की पुस्तकें भेंट की। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट के संस्थापक/अध्यक्ष राम दुलार यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य उच्च शिक्षा तथा सभी प्रकार की प्रतियोगिता के लिए प्रतियोगी छात्रों को पुस्तकें उपलब्ध कराना है। संस्था नेताजी सुभाषचंद्र बोस नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय खोड़ा में, पण्डित मदन मोहन मालवीय के नाम वैशाली में, सन्त कबीर के नाम पर श्याम पार्क मेन में, भगवान बुद्ध के नाम पर नंदग्राम में, डा0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम के नाम नि:शुल्क पुस्तकालय, वाचनालय संचालित कर रही है, उपरोक्त सभी पुस्तकालय में सी0पी0एम0टी0, पी0एम0टी0, आई0ए0एस0, पी0सी0एस0, एम0बी0ए0, इंजीनियरिंग, कानून की पुस्तकों के साथ सामान्य ज्ञान, प्रतियोगिता दर्पण, प्रतियोगिता किरण, कम्पटीशन सक्सेस रिव्यू, इतिहास, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, सम्पूर्ण साहित्य, राजनीतिक चिंतकों और विद्वानों की पुस्तकें उपलब्ध है, इन पुस्तकालयों में अध्ययन कर बहुत से छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हो रही है, वरिष्ट नागरिकों के लिए पुस्तकों की व्यवस्था है।

लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट इन पुस्तकालयों के माध्यम से समाज में व्याप्त आडम्बर, भ्रम, पाखण्ड, रूढ़िवाद को दूर करने के लिए भी संकल्पित है, छात्र, छात्राओं में भी आधुनिक भारत के निर्माण में लगने को प्रेरित करने का कार्य किया जाता है, आज आस्था के नाम पर अन्धविश्वास, अन्धश्रद्धा, पाखण्ड, फैलाकर जो जनता को मानसिक गुलाम बनाने का कार्य हो रहा है, समाज को संस्था जागरूक करने का भी काम कर रही है, अन्धकार में फंसी भोली-भाली जनता के मन में प्रकाश की किरण फ़ैलाने का काम शिक्षा ही कर सकती है, संस्था प्रयासरत है। यहाँ पर सन्त शिरोमणि रविदास मन्दिर के सन्त सहदेव गिरी जी से तथा सभी सन्त-महात्माओं से हम अनुरोध करना चाहते है कि आस्था के नाम पर जो भोली-भाली जनता को मानसिक गुलाम बनाने की साजिश चल रही है उसे नाकाम करें। आप लोगों ने समाज, देश और व्यक्ति के भले के लिए अपना परिवार, घर-बार छोडा, आप  पूजा-पाठ भी करें लेकिन समाज में व्याप्त अहंकार, विषमता, नफ़रत, असहिष्णुता, गरीबी, भूख, पीड़ा, बेबसी, लाचारी, पाखण्ड, जातिवाद के विरुद्ध भी देश वासियों को जागरूक करने का भागीरथी प्रयास करें, शिक्षा के प्रचार-प्रसार का भी कार्य करें। तभी देश, समाज, व्यक्ति मानसिक गुलामी से बच स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता, समता, और सहयोग से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरुक हो सकेगा। 

कार्यक्रम में सन्त सहदेव जी महराज, राम दुलार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, हारून चौधरी, विजय मिश्र, फौजुद्दीन, प्रेम चन्द पटेल, हरिकृष्ण, पप्पू सिंह, अमर बहादुर, राकेश गोस्वामी आदि शामिल रहे।