वीरेन्द्र यादव के नेतृत्व में मनाया गया सावित्री बाई फूल का जन्मोदिवस



समीक्षा न्यूज संवाददाता

साहिबाबाद। भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, प्रसिद्ध समाज सुधारक, चिकित्सा के क्षेत्र में विलक्षण कार्य करने वाली सावित्री बाई फूले का जन्म-दिन कार्यक्रम का आयोजन वीरेन्द्र यादव एडवोकेट जिला महासचिव समाजवादी पार्टी जनपद गाजियाबाद के नेतृत्व में ज्ञानपीठ केन्द्र 1, स्वरुप पार्क जी0टी रोड साहिबाबाद के प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राधा जोली मानवाधिकार संरक्षण संस्था हेड, महिला सेल, एनसीआर, विशिष्ट अतिथि संजू जोली, मुख्य वक्ता राम दुलार यादव वरिष्ट नेता समाजवादी पार्टी रहे। अध्यक्षता अनीता सिंह ने, संचालन सरदार अवतार सिंह काले ने, आयोजन इंजी0 धीरेन्द्र यादव ने किया, अंशु ठाकुर, संजू शर्मा, शबाना ने भी विचार व्यक्त किया, महिला उत्थान संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिन्दू राय ने गीत प्रस्तुत कर महिला सशक्तिकरण पर बल दिया। महिलाओं को समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने की प्रेरणा दी, संजू शर्मा, रेनूपुरी, शशि कश्यप, मुनीव यादव, माजिद ठाकरान, फौजुद्दीन, आशु, गुड्डू यादव आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता राम दुलार यादव ने कहा कि विलक्षण प्रतिभा की धनी प्रसिद्ध समाज सुधारक, चिकित्सा, शिक्षा का जन-जन में अलख जगाने वाली प्रथम शिक्षिका सावित्री बाई फूले ने जन्म से रूढ़िवाद, परम्परावाद, बाल विवाह, पाखण्ड और अन्धविश्वास झेला था, 9 वर्ष की उम्र में शिक्षा से वंचित, शादी हो जाना, उनके बाल मन को कचोटता रहा, उनके पति जिन्हें सगुणा बाई ने शिक्षित किया था, उन्होंने भी सावित्री बाई को शिक्षित कर दोनों ने समाज के कमजोर वर्गों, दलितों, महिलाओं, पीड़ितों, उपेक्षित तथा अस्पृश्य वर्गों में शिक्षा का प्रकाश फ़ैलाने का संकल्प लिया और स्कूल की स्थापना की, तथा बच्चों को शिक्षित करना शुरू किया, लेकिन शिक्षा पर एकाधिकार रखने वाले महाराष्ट्र के उच्च वर्गों, पाखंडियों को यह अच्छा नहीं लगा तथा इन्हें और इनके पति को घर से निकाल दिया, भाई उस्मान शेख और बहिन फातिमा जो प्रथम मुस्लिम शिक्षिका ने अपनी जमीन में पाठशाला खुलवाया, यद्यपि इन्हें बहुत ही समाज का कोपभाजन बनना पड़ा, लेकिन इन्होने हार नहीं मानी, कई स्कूल खोल लोगों को शिक्षित किया।

वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि सावित्री बाई फूले ने चिकित्सा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया, विधवा विवाह करवाया, विधवा मुंडन का खंडन किया, बाल संरक्षण तथा महिला प्रसूति गृह खोल अपने दत्तक पुत्र डा0 यशवंत को शिक्षित कर जन-सेवा में लगाया, डा0 यशवंत के प्लेग रोगियों के इलाज में सहयोग करती रहीं, तथा प्लेग का शिकार हो गयीं, 1897 में उनका प्राणान्त हो गया, लेकिन जो उन्होंने ज्ञान का प्रकाश आम-जन में प्रचारित-प्रसारित किया देश उनका ऋणी रहेगा, आज 21वीं शदी में भी शिक्षा इतनी महँगी हो गयी है वह आम-जन की पकड़ से बाहर हो गयी है, सरकारी स्कूल शिक्षा देने में असफल हो गये है, मिड डे मील देकर बच्चों में हीन भावना पैदा की जा रही है, उनका स्वाभिमान, सम्मान छीना जा रहा है, शिक्षा का बाजारीकरण हो गया है, विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट में हम 156 देशों में 139वें स्थान पर है, यह दुःख और पीड़ा का विषय है, यह रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रसन्नता, अच्छे भोजन की व्यवस्था है, तैयार की जाती है| आज हम बहुत ही अन्धकार में जी रहे है, इस व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता है। उ0प्र0 में 2022 में श्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनने पर जनता के दुःख दूर होंगें, उचित शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था होगी।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल रहे: वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, सरदार अवतार सिंह काले, अवधेश यादव, सविता, नीना, इशरत, तेतरी, शशि कश्यप, उषा चौधरी, कमला देवी, दयाल शर्मा, मुनीव यादव, गुड्डू यादव, अंशु ठाकुर, लक्ष्मीनारायण, मुरारी, फौजुद्दीन, आशु, माजिद, रेनूपुरी, शबाना, संजू शर्मा, अनीता सिंह, बिन्दू राय, रहीमुद्दीन, विनोद त्रिपाठी, सुभाष यादव, अखिलेश शुक्ला, पप्पू सिंह, हरिशंकर यादव, सुरेश कुमार भारद्वाज, अंकित राय, राजीव गर्ग, हरिकृष्ण, राकेश गोस्वामी आदि।