बाइक की टक्कर से शिक्षक नेता राणा की मौत,शिक्षा जगत में शोक की लहर व्याप्त


वाचस्पति रयाल/ समीक्षा न्यूज  

पूर्णानंद घाट पर अंतेष्टि में सैकड़ों शिक्षकों ने दी अंश्रुपूर्ण विदाई 

नरेन्द्रनगर। सड़क दुर्घटना में शिक्षक नेता अर्जुन सिंह राणा की मृत्यु पर शिक्षा जगत में भारी शोक व्याप्त है।आज मुनिकीरेती स्थित पूर्णानंद घाट पर सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने अपने शिक्षक साथी दिवंगत राणा को अश्रुपूर्ण विदाई देते हुए श्रद्धांजलि दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गत मंगलवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय चल्ड गांव में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत नरेंद्रनगर निवासी अर्जुन राणा पुत्र रतन सिंह राणा उम्र 57 वर्ष अपने निवास स्थान  छिददरवाला गए हुए थे। जहां बाजार में शॉपिंग करने के बाद लौटते हुए बाइक सवार द्वारा उन्हें टक्कर मार दी गई,जिससे वह बहुत बुरी तरह घायल हो गए।

घायल हालत में राणा को ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया,जहाँ चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शिक्षक अर्जुन राणा के निधन की खबर मिलते ही शिक्षा जगत में शोक की लहर व्याप्त हो गई है।

दिवंगत अर्जुन राणा प्राथमिक शिक्षक संगठन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर थे। पृथक उत्तराखंड आंदोलन के दौरान राणा ने राज्य आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था।उनके निधन के समाचार से नरेंद्रनगर शहर  शोक में डूब गया है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष महेश गुसाईं,सुरेश बिजल्वाण,चंद्रदेव नौटियाल,ज्योति कुकरेती,वीरेंद्र सिंह,श्याम सिंह सरियाल,आशा भंडारी,पुष्पा राणा,सरिता भंडारी,पिंकी पंवार,शिक्षक संगठन के पूर्व प्रांतीय नेता रहे वाचस्पति सेवानिवृत्त राजकीय शिक्षक संगठन के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली,कोषाध्यक्ष जबर सिंह पंवार,शूरवीर सिंह चौहान,धर्मपाल सिंह चौहान,वी०पी० कंडवाल,सहित नरेन्द्रनगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार,सभासद भरत सिंह राणा,राज्य आंदोलनकारी उपेंद्र थपलियाल,नवनीत उनियाल,राजेंद्र गुसाईं, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा,नरेंद्रनगर व्यापार मंडल अध्यक्ष जितेंद्र चांदपुरी,सचिव नरेंद्र कुमार, पूर्व सभासद जयपाल सिंह नेगी,राजपाल सिंह पुँडीर, किशन पांडेय, भरत सिंह नेगी आदि ने राणा के निधन पर गहरा शोक  प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस महान कष्ट को सहने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की।

 दिवंगत अर्जुन राणा अपने पीछे पुत्र, पुत्री व धर्मपत्नी छोड़ गये  हैं।