सामाजिक संगठनों ने सुप्रसिद्ध घंटा कर्ण धाम परिसर व रास्ते की सफाई कर चलाया पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता अभियान


वाचस्पति रयाल—समीक्षा न्यूज  

नरेन्द्रनगर।समुद्र तल से 8 हजार फिट की ऊँचाई वाले क्षेत्र पट्टी क्वीली   के घंडियाल डाँडा के शैल शिखर पर विराजमान भगवान घंटाकर्ण धाम परिसर सहित मंदिर पहुंच को पैदल 4कि०मी० की खड़ी चढा़ई वाले रास्ते   पर क्षेत्र के सामाजिक संगठनों ने सफाई अभियान चलाया।

    बताते चलें कि विधानसभा नरेन्द्रनगर क्षेत्रान्तर्गत आधा दर्जन से अधिक पट्टियों के केन्द्र स्थल घंडियाल डाँडा में विराजमान भगवान घंटाकर्ण धाम में मन्नतें माँगने श्रद्धालुओं का तांता साल भर लगा रहता है।

      उल्लेखनीय है कि आगामी 31 मई से लेकर 10 जून तक भगवान घंटाकर्ण धाम में दसवें महायज्ञ व धार्मिक संस्कृति मेला के आयोजन की जोरदार तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

    घंटाकर्ण धाम में आयोजित होने वाले इस महायज्ञ व धार्मिक-सांस्कृतिक मेले में हजारों संख्या में श्रद्धालुओं की आने की उम्मीद है।



 मंदिर परिसर के साथ ही,मंदिर पहुंच का 4कि०मी०वाला खड़ी चढ़ाई का पैदल रास्ता साफ और स्वच्छ बना रहे।

     इसी को दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्र के बजरंगी स्वाभिमान सेवा समिति पोखरी व प्रगतिशील जन विकास संगठन गजा ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के प्रसिद्ध घंटाकरण धाम मंदिर परिसर व मंदिर में जाने वाले रास्ते के आस पास सफाई अभियान चलाया।

   उक्त दोनों संगठनों द्वारा गजा के गौंताचली स्थान से घंडियाल डांडा मंदिर को जाने वाले 4 किलोमीटर खड़ी चढ़ाई के रास्ते पर पड़े,पालीथीन,प्लास्टिक बोतलें, चिप्स के रेपर आदि अन्य कूड़े को इकट्ठा कर निस्तारण किया गया तथा मंदिर परिसर के अंदर व बाहर पड़े कूड़ा-करकट को इकट्ठा कर गड्डे में दबाया गया।

   इसके अलावा मंदिर से वापसी में कूड़ा बोरियों में इकट्ठा कर गजा नगर पंचायत के कूड़ा निस्तारण स्थान पर लाकर उसका निस्तारण किया गया।

    प्रगतिशील जन विकास संगठन गजा के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद उनियाल व बजरंगी स्वाभिमान सेवा समिति पोखरी क्वीली के अध्यक्ष जगत सिंह असवाल ने कहा कि कूड़ा निस्तारण से ही पर्यावरण संरक्षण व साफ-सफाई बनाये रखी जा सकती है।

 पहाड़ों के गली-कूचे व कस्बों में भी कूड़े के ढेर खड़े हो जाते हैं,जिससे हमारे पर्यावरण संरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता जा रहा है।

  उनियाल व असवाल ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर उत्तराखंड राज्य में तीर्थाटन व पर्यटन को विकसित करके ही पृथक प्रदेश की अवधारणा साकार हो पायेगी।   

   उक्त सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं का कहना है कि देव भूमि के नाम से विख्यात उत्तराखंड के मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ साफ-सफाई को अमल में लाना बेहद आवश्यक है।

 सफाई अभियान में दिनेश प्रसाद उनियाल,जगत सिंह असवाल,जोत सिंह असवाल,मुकेश थपलियाल, राजबीर सिंह चौहान,सुरेन्द्र सिंह, साहब सिंह,ज्ञान सिंह,जगदीश सिंह व कमल गुसाईं के अलावा गौरव सिंह खाती,आर्यन,कु.आइसा,कु. सिमरन,सौरभ,महेश,सचिन व स्कूली बच्चे शामिल थे।