श्री नरेंद्र कश्यप ने शासन की नीतियों-निर्णयों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश


धनसिंह—समीक्षा न्यूज 

गाजियाबाद। श्री नरेंद्र कश्यप मा0 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उ0प्र0 सरकार ने आज कलेक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में विकास कार्यक्रम एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पात्र व्यक्तियों को दिया जाए। सभी अधिकारीगणों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को समय से पूरा करते हुए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए जिसके लिए सभी अधिकारियों द्वारा सकारात्मक सोच के साथ अपनी कार्यप्रणाली को विकसित करते हुए अपने दैनिक कार्यों का संपादन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने उपस्थित अधिकारी गणों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की नीतियों-निर्णयों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें और शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए ताकि, आमजनमानस शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक होकर सरलता के साथ सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। माननीय राज्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता पर विशेष बल देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी जरूर दी जाए, क्योंकि जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान मा0 राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए तथा योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिले। सत्यापन कर सूची से अपात्रों के नाम काटे जाएं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक सभी पात्रों को आवास से आच्छादित करना, भारत सरकार का सपना है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति, योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। 



विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति/वितरण व्यवस्था बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जाए। खराब ट्रांसफार्मरों को शहरी क्षेत्र में 24 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के भीतर बदल दिया जाए। बिजली से जुड़ी सभी समस्याओं का समय से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सड़कों के निर्माण की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कार्य दायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि नई सड़कों पर कार्य जल्द प्रारंभ हो और अधूरी सड़कों को पूरा किया जाए। क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम भी जल्द कराया जाए। साथ ही काम की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। राशन वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए माननीय राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राशन कार्ड धारकों को गुणवत्तायुक्त एवं निर्धारित मानक के अनुसार राशन उपलब्ध कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान माननीय राज्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाई जाए। सभी पात्र व्यक्तियों को गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराए जाएं। जरूरतमंदों को दिक्कत न हो इसलिए कैंप लगाकर कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कोई भी मरीज दवा के अभाव में वापस न जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों की उपस्थिति अवश्य बनी रहे। कोई भी स्वास्थ्य केन्द्र ऐसा न हो जहां डॉक्टरों की कमी हो। स्वास्थ्य केन्द्रों पर इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और अस्पतालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह भी सुनिश्चित हो कि जिला पूरी तरह कुपोषण मुक्त रहे। मा0 राज्यमंत्री ने कहा कि सभी एसडीएम, सीओ, जिला स्तरीय अधिकारी, चिकित्सक, तहसीलदार अपने तैनाती स्थल पर ही निवास करें ताकि जन समस्याओं के निराकरण में सुगमता हो सके। साथ ही यह भी कहा कि अधिकारीगण जनप्रतिनिधियों के टेलीफोन जरूर रिसीव करें और उनकी समस्याओं का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराएं। माननीय राज्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के मद्देनजर किए जाने वाले सभी कार्यों को तत्काल पूरा कर लिया जाए। महानगर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए सभी नाले/नालियों की सफाई, बरसात से पहले पूर्ण कर ली जाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के संबंध में कहा कि यह योजना सरकार की प्राथमिकताओं में से है। अतः संबंधित अधिकारीगण इस योजना का पात्र लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के विशेष प्रयास सुनिश्चित करें। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि विरासत के मामलों को शिविर लगाकर प्रमुखता के आधार पर निपटाया जाए। चकरोड़, तालाब के पट्टों आदि के मामले विधिक प्रक्रिया के तहत निस्तारित किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी संपत्तियों पर यदि कहीं भी अतिक्रमण मिले तो उसे तत्काल प्रभाव से हटवाते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गौ आश्रय स्थलों के संचालन के संबंध में निर्देशित किया कि माननीय मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता एवं मंशा के अनुरूप गौ वंशों को संरक्षित किया जाए एवं सभी गौ आश्रय स्थलों पर भूसे, चारा व पानी की उपलब्धता एवं व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जाए। समीक्षा में माननीय राज्यमंत्री ने पाया कि खरीफ वर्ष 2022 में कुल 1748 कुं. लक्ष्य के सापेक्ष 1999 कुं. बीज की उपलब्धता रही है जिसका शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करा दिया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, समस्त प्रकार की छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, कन्या सुमंगला योजना, स्वामित्व योजना/घरौनी, पीएम स्वनिधि योजना, वृक्षारोपण कार्यक्रम के संबंध में भी गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को संबंधित कार्यक्रमों को सफल बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दूसरे चरण में माननीय राज्य मंत्री ने जनपद की कानून व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने इस अवसर पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप संपूर्ण जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था मानकों के अनुरूप कायम रहे इस संबंध में माइक्रो प्लान तैयार करते हुए निरंतर स्तर पर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के द्वारा छोटी-छोटी घटनाओं के संज्ञान में आने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करें ताकि जनपद में कानून व्यवस्था मानकों के अनुरूप कायम रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने माननीय राज्यमंत्री को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा आज बैठक में दिए गए दिशानिर्देशों का अक्षरशः से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। 



इस अवसर पर बैठक में माननीय राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, माननीय महापौर आशा शर्मा, माननीय विधायक मोदीनगर मंजू शिवाच, जिलाअध्यक्ष दिनेश सिंघल, महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा, एमएलसी सुरेश कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी0, मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक, अपर जिलाधिकारी नगर बिपिन कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 भवतोष शंखधर, परियोजना निदेशक डीआरडीए पी0एन0 दिक्षित, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी वीर सिंह, समस्त जिला स्तरीय अधिकारी गण, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/पंचायत सहित अन्य संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।