जींद कावड़ सेवा संघ ने भंडारा लगाकर नगर की बढ़ाई रौनक

वाचस्पति रयाल—समीक्षा न्यूज  



जींद कावड़ सेवा संघ ने भंडारा लगाकर नगर की बढ़ाई रौनक 



भंडारा के सहयोग के लिए पालिका अध्यक्ष राजेन्द्र विक्रम सिंह पंवार का जताया आभार

वाचस्पति रयाल—समीक्षा न्यूज 

नरेन्द्रनगर। वर्ष भर अक्सर वीरानगी में पसरे रहने वाले नरेन्द्रनगर शहर में इन दिनों काँवड़ यात्रा के चलते कुछ दिनों के लिए रौनक लौट आई है।

बताते चलें कि बरसों-बरसों तक टिहरी जिले का मुख्यालय रहा ऐतिहासिक शहर नरेंद्रनगर से वर्ष 1989 में जिलामुख्यालय नई टिहरी शिफ्ट किये जाने के बाद से यह नगर वीरानगी की ओर अग्रसर होता चला गया।

सन्नाटे का लिवास ओढ़े इस शहर की खामोशी वर्ष भर में 15 से 20 दिनों के लिए,तभी टूट पाती है,जब यहाँ नव रात्रों में सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ कुँजापुरी मेला व सावन मास में चलने वाली काँवड़ यात्रा के दौरान हरियाणा की जींद काँवड़ सेवा संघ द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1974 से सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का आयोजन होता आ रहा है,जबकि जींद काँवड़ सेवा संघ हरियाणा का सावन माह में काँवड़ यात्रा के दौरान लगाया जाने वाला नरेंद्रनगर में यह 26 वाँ भंडारा है।

इन दोनों मेलों के दौरान यहां, वह पुरानी रौनक देखने को मिलती है,जो बरसों पहले कभी यहाँ जिला मुख्यालय रहने के दौरान देखने को मिला करती थी।

इस वर्ष भी इन दिनों काँवड़ मेला के दौरान यहां नरेन्द्रनगर में जींद कावड़ सेवा संघ द्वारा नगरपालिका के विशाल मैदान में भंडारे का आयोजन चल रहा है।

इन दिनों पूरा नरेंद्रनगर शहर बम भोले के नारों से गूंजायमान हो रहा है। गंगोत्री व यमुनोत्री को जाने-आने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए यह मुख्य पड़ाव है।

नगर पालिका द्वारा शहर को इन दिनों बेहतरीन तरीके से सजाया व संवारा गया है।

कांवड़ यात्रियों की वजह से नगर में खूब चहल-पहल व रौनक दिखाई दे रही है।

जींद कावड़ सेवा संघ हरियाणा के पदाधिकारी किशन लाल आहूजा,वेद प्रकाश विरमानी, सुरेंद्र चुघ, चिमन लाल शर्मा,दीपक बजाज व अनिल सरदाना ने भंडारे में हर तरह का सहयोग देने के लिए नगर पालिका का आभार जताते हुए,पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए,उनके व्यवहार व सहयोग की प्रशंसा की है। जींद कावड़ सेवा संघ के उक्त पदाधिकारियों का कहना था कि सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजा-पाठ और आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।लिहाजा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन का महीना सबसे उत्तम माना जाता है।

उनका कहना था कि इस देवभूमि में यज्ञ,अनुष्ठान करने का विशेष महत्व है।

भगवान शिव से सभी की  सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि- ईश्वर की भक्ति में ही-शक्ति निहित है।