सुनील कुमार शर्मा विधायक ने मनाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की पुण्यतिथि


धनसिंह-समीक्षा न्यूज 

साहिबाबाद।   सुनील कुमार शर्मा विधायक साहिबाबाद के जनसंपर्क कार्यालय राजेंद्र नगर पर स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक, आजाद हिन्द फौज के संस्थापक, माँ भारती के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

सुनील कुमार शर्मा विधायक साहिबाबाद ने कहा कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" जैसे नारे देकर देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाने वाले स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक, आजाद हिन्द फौज के संस्थापक, माँ भारती के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते है। 

भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिए, उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिन्द फ़ौज का गठन किया था। 

नेता जी ने 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हाल के सामने 'सुप्रीम कमाण्डर' के रूप में सेना को सम्बोधित करते हुए "दिल्ली चलो!" का नारा दिया और जापानी सेना के साथ मिलकर ब्रिटिश व कामनवेल्थ सेना से बर्मा सहित इम्फाल और कोहिमा में एक साथ जमकर मोर्चा लिया।



21 अक्टूबर 1943 को बोस ने आज़ाद हिंद फौज के सर्वोच्च सेनापति की हैसियत से स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार बनाई जिसे जर्मनी, जापान, फ़िलीपीन्स, कोरिया, चीन, इटली, मान्चुको और आयरलैंड सहित 11 देशो की सरकारों ने मान्यता दी थी। जापान ने अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह इस अस्थायी सरकार को दे दिए। सुभाष उन द्वीपों में गए और उनका नया नामकरण किया।

सुभाष चंद बोस जी के मन में देशप्रेम, स्वाभिमान और साहस की भावना बचपन से ही बड़ी प्रबल थी। वे अंग्रेज शासन का विरोध करने के लिए अपने भारतीय सहपाठियों का भी मनोबल बढ़ाते थे। अपनी छोटी आयु में ही सुभाष ने यह जान लिया था कि जब तक सभी भारतवासी एकजुट होकर अंग्रेजों का विरोध नहीं करेंगे, तब तक हमारे देश को उनकी गुलामी से मुक्ति नहीं मिल सकेगी। जहां सुभाष के मन में अंग्रेजों के प्रति तीव्र घृणा थी, वहीं अपने देशवासियों के प्रति उनके मन में बड़ा प्रेम था।

 'किसी राष्ट्र के लिए स्वाधीनता सर्वोपरि है' इस महान मूलमंत्र को शैशव और नवयुवाओं की नसों में प्रवाहित करने, तरुणों की सोई आत्मा को जगाकर देशव्यापी आंदोलन देने और युवा वर्ग की शौर्य शक्ति उद्भासित कर राष्ट्र के युवकों के लिए आजादी को आत्मप्रतिष्ठा का प्रश्न बना देने वाले नेताजी सुभाष चंद बोस ने स्वाधीनता महासंग्राम के महायज्ञ में प्रमुख पुरोहित की भूमिका निभाई।

इस मौके पर कुलदीप कसाना मंडल अध्यक्ष सुधीर त्यागी मंडल अध्यक्ष आलोक शर्मा विनोद शर्मा आनंद गुप्ता पवन रेड्डी पंचम चौधरी योगेश चौधरी पूर्व पार्षद मनोज डागर सुनील चौधरी उदयवीर चौधरी सतीश फ्लोर कौशल गोस्वामी सोनू चौधरी जगदीश ममगई देवेंद्र प्रताप त्यागी मनोज गुप्ता माधव सुध, रामनिवास बंसल अनुज पंडित एडवोकेट चंद्रभूषण पूर्व पार्षद सौरभ सागर दलीप शर्मा भोला सिंह देवेंद्र सिंह, वीरेंद्र त्यागी पार्षद इंद्रजीत पाल राजकुमार चंदेला आदि पार्टी पदाधिकारियों, पार्षदों, मंडल अध्यक्षों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।