"देव दर्शन धर्मचेतना जनजागृति व्यसन विराम एक प्रयास यात्रा "



समीक्षा न्यूज 

राजस्थान/गाजियाबाद। राजस्थान यात्रा में 11 वे दिन 27 नवंबर को श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपांदे संस्थान मालाझाल ग्राम तिलवाड़ा में स्थित श्री राणी रूपांदे मन्दिर पालिया का पंचम पाटोत्सव आज पूज्य गुरुदेव श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर गाजियाबाद अन्तर्राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के सानिध्य में रावल किशन सिंह जी अध्यक्ष श्री राणी भटियाणी माता मन्दिर संस्थान जसोल के अध्यक्षता में कुंवर हरिश्चन्द्र सिंह जी के संयोजन में आज पाटोत्सव कार्यक्रम भव्य रूप से सम्पन्न हुआ जिसमें पटोत्सव के पूर्व संन्ध्या पर देशी कलाकारों द्वारा भजन संध्या का आयोजन हुआ साथ ही श्री दुर्गासप्तशती से हवन यज्ञ हुआ ,एवं आज प्रातः काल 8 बजे से 10 बजे तक रावल किशन सिंह जी द्वारा पूजन हवन हुआ तदोपरान्त 10:30 बजे राणी रूपांदे मन्दिर की धर्मध्वजा रावल किशन सिंह जी, कुंवर हरिश्चन्द्र सिंह जी,श्रीमहन्त नारायण गिरि जी सहित उपस्थित सन्तों द्वारा हुई , तदोपरान्त सन्तो एवं भक्तों की उपस्थिति में पूर्णहुति हुई ,जिसमें उपस्थिति सन्तों में श्रीमहन्त नारायण गिरि जी महाराज श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर गाजियाबाद,श्रीमहन्त ओंकार भारती जी महाराज,महन्त गणेश पुरी जी महाराज, थानापति महन्त रूद्र गिरि जी महाराज, श्री त्रिवेणी गिरि जी महाराज, महन्त माधव भारती जी महाराज,महन्त सेवा नाथ जी महाराज,सहित अन्य सन्तों एवं भक्तों की उपस्थिति में आज धर्म ध्वजा यज्ञ पूर्ण हुति ,सन्तो का भक्तों प्रसादी के साथ राणीं रूपांदे मन्दिर का 5 वा पटोत्सव(वार्षिकोत्सव) धूम धाम से सम्पन्न हुआ,सभी व्यवस्था राणी भटियाणी माता मन्दिर संस्थान के मैनेजर जेठू सिंह जी एवं समस्त कार्यकर्ता द्वारा किया गया ,पूजन हवन नितेश त्रिपाठी जी,दीपक भट्ट जी , दीपांकर पाण्डेय जी, मनोहर लाल अवस्थी जी  द्वारा सम्पन्न हुआ, इसके साथ ही महाराज श्री अपनी 11 दिवसीय यात्रा पूर्ण करके दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मन्दिर गाजियाबाद की यात्रा प्रारम्भ किये  , 11 दिवसीय यात्रा के तहत, विभिन्न स्थानों पर हवन यज्ञ कन्या पूजन करके सनातनधर्म के प्रति जन जाग्रति एवं व्यसन विराम का संकल्प ,यज्ञ पूजन कन्या करके धर्म जाग्रति जन जाग्रति समरसता सद्भावना सभी जाति के लोग ह्रदय रूपी मंच पर एक आकर राष्ट्र विकास राष्ट्र हित में कार्य करें सनातन धर्म के प्रति जागरूक होकर सन्तों का सम्मान एवं सन्तों के नेतृत्व में राष्ट्रहित में कार्य करें ऐसा कार्यक्रम रहा ।