लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा “संविधान दिवस ” पर कार्यक्रम आयोजित



समीक्षा न्यूज संवाददाता

साहिबाबाद। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव पार्क जी0 टी0 रोड साहिबाबाद के प्रांगण में “संविधान दिवस 26 नवम्बर 2022” का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य ड़ा0 विशन लाल गौड़ ने की, मुख्य अतिथि पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार यादव रहे, आयोजन संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष शिक्षाविद राम दुलार यादव ने किया, कार्यक्रम को वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, कवि, लेखक अवधेश कुमार मिश्र एडवोकेट, सूरजमल मावी ने भी संबोधित किया, कार्यक्रम में संविधान पुस्तिका “भारत का संविधान” नि:शुल्क उपस्थित विद्वानों में वितरित किया गया, इस संकल्प के साथ कि हम भारत के संविधान की रक्षा के लिए हर तरह की कुर्बानी के लिए तैयार रहेगे, ज़ोरदार नारा लगाकर लोगों ने संविधान के प्रति निष्ठा व्यक्त की। उदयांचल, यदुवंश कल्याण समिति के सहयोग की सराहना की गयी। 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रवण कुमार यादव पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि संविधान हमे प्रेरणा देती है मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों के बारे में तथा सरकार कैसे संचालित हो संविधान में ही व्यवस्था है, इसकी प्रस्तावना में ही मूल भावना परिलक्षित होती है, कानून के समक्ष सभी लोग बराबर है, यह संविधान में ही व्यवस्था है, उन्होने प्रस्तावना से भी लोगों को अवगत कराया, हम भारत के लोग भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोक तंत्रात्मक राज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों, सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय-विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतन्त्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्रीय एकता, अखंडता,, बंधुता बढ़ाने के लिए हमारा संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत अधिनियमित, आत्म समर्पित हुआ।

वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने कहा कि हमे संविधान ने जो अधिकार प्रदान किए है उसकी रक्षा के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए, ड़ा0 बाबा साहब अंबेडकर ने कहा कि हमने दुनिया के सभी अच्छे संविधानों का अध्ययन करके, जनहित, राष्ट्र हित में पूर्ण व्यवस्था की है, लेकिन संविधान को यदि योग्य, ईमानदार लोग नहीं संचालित करेगे, तो यह अयोग्य लोगों के हाथ में एक साधारण पुस्तक ही रहेगा। इसलिए राग-द्वेष से ऊपर उठकर संविधान के अनुसार शासन संचालित होगा, तभी जनता को प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा होगी, समाज के कमजोर वर्गों की बेहतरी के लिए काम करने की आवश्यकता है।

प्रो0 राजेन्द्र यादव ने कहा कि हमारे देश में न हिन्दू को, न मुसलमान को कोई खतरा है, असली खतरा तो संविधान पर है, कुछ ताक़तें रूढ़िवाद, पाखंड, जातिवाद, सामंती व्यवस्था कि पोषक है, वह संविधान को कमजोर करना चाहती है, हमे सावधान रहने की आवश्यकता है, उन्होने हर घर में संविधान के वितरण की मांग सरकार से की,  जिससे भारत के लोग अपने अधिकारों, कर्तव्यों को जान उसके अनुरूप कार्य कर सकें।   

ड़ा0 विशन लाल गौड़ ने कहा कि जिन देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अपने देश के संविधान के साथ खिलवाड़ किया, उन्हे इतिहास ने माफ नहीं किया, चाहे वह हिटलर, मुसोलनी या जापान का शासक रहा हो, उन्होने जागरूक रहने, देश और समाज को मजबूत बनाने पर बल देते हुए समारोह में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद किया।

अवधेश कुमार मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान दिवस का भव्य आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जनता में जागृति आ रही है, नहीं तो यहाँ तो न्याय पालिका को अपने पक्ष में प्रभावित किया जा रहा है, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है, यह संवैधानिक रूप से अच्छा नहीं है, हमे सतर्क रहना चाहिए।

कार्यक्रम में संविधान की एक सौ प्रति वितरित की गयी, प्रमुख लोग शामिल रहे राम दुलार यादव, ड़ा0 विशन लाल गौड़, श्रवण कुमार यादव, वीरेन्द्र यादव एडवोकेट, सूरजमल मावी, अवधेश कुमार मिश्र एडवोकेट, प्रो0 राजेन्द्र यादव, ड़ा0 देवकर्ण चौहान, कैलाश चंद शिक्षाविद, बिन्दु राय, संजू शर्मा, रेनूपुरी, सुधा ठाकुर, मीना ठाकुर, मुनीव यादव, ब्रह्म प्रकाश, भोपाल साह, ओम प्रकाश अरोड़ा, रामप्यारे यादव, शंभूनाथ जायसवाल, इंजी0 धीरेन्द्र यादव, हाजी मो0 सलाम, राजीव गर्ग, गुल अली, प्रेम चंद पटेल, केदार सिंह, विश्वनाथ यादव, महेन्द्र यादव, हरीश ठाकुर, फूल सिंह बौद्ध, ब्रह्मानन्द, विजय कुमार मिश्र, संतोष कुमार शर्मा, राम यादव, पी0एन0 सिंह यादव, रोहिताश कुमार गुप्ता, एस0 एन0 अवस्थी, शमा, फूल चंद वर्मा, एस0एस0 प्रसाद यादव, मनोज कुमार यादव, बी0एस0 मलिक, अवधेश यादव, अमर बहादुर, सुभाष आदि।