उद्यमिता व कौशल विकास देगा प्रगति को नए पंख -डॉ संजय कुमार



वाचस्पति रयाल—समीक्षा न्यूज

आँनलाइन संवाद के जरिये उद्यमिता एवं कौशल संवर्धन सेमिनार का हुआ समापन

नरेन्द्रनगर। यहाँ स्थित धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के अनुरोध पर जिला उद्योग केंद्र नरेंद्रनगर के सौजन्य से उद्यमिता और कौशल संवर्धन के जरिए युवाओं का सशक्तिकरण विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का विधिवत समापन हो गया है। सेमिनार के दूसरे दिन पंजाब विश्वविद्यालय के प्रो0 संजय कौशिक ने उद्यमिता के विकास हेतु कौशल संवर्धन को नितान्त आवश्यकत बताया। स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी की प्रो0 मधु थपलियाल व राम चन्द्र उनियाल ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए समाजोपयोगी शोध से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की बड़ी जरूरत है।

गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के डॉ0 अनिल कुमार डंगवाल ने अपने अनुभवों से सभी प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के प्रो0 आशीष थपलियाल ने उद्यमिता के विविध आयामों की समझ को सफलता के लिए आवश्यक बताया।

महाविद्यालय रामपुर के डॉ0 अमित अग्रवाल ने उद्यमिता के कार्य, प्रकार, गुण व समस्याओं का विस्तारपूर्वक अवगत कराया और कहा कि वर्तमान में उद्यमिता के नये नये आयाम सामने उभर कर आ रहे हैं, जो उद्यमिता को नये आयाम देंगे। 

बताते चलें कि इस सेमिनार का उद्घाटन प्रदेश के वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल के द्वारा किया गया था। 2 दिनों तक देश के विभिन्न भागों से विद्वान प्रतिभागियों तथा शोधकर्ताओं द्वारा सेमिनार के विषय से संबन्धित विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गये।

दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ0 मुनीश कुमार शर्मा और डॉ0 अमनदीप नहर इस सेमिनार में बतौर रिसोर्स पर्सन उपस्थित रहे। तकनीकी सत्र के अध्यक्ष प्रो0 जी0 एस0 रजवार ने प्रस्तुत विभिन्न शोध पत्रों का सार सबके सामने प्रस्तुत किया। जबकि डॉ0 रश्मि उनियाल और डॉ0 सोनिया गंभीर ने क्रमशः समन्वयक और रिपोर्टर की भूमिका में पूर्ण सहयोग किया। कालेज के प्राचार्य और संगोष्ठी के संरक्षक प्रो0 राजेश कुमार उभान ने सेमिनार के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के सफल संपादन के लिए आयोजक डॉ0 संजय कुमार और आयोजन समिति के सदस्यों तथा महाविद्यालय के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सहयोगी की भूरी- भूरी प्रशंसा की।

सेमिनार के आयोजक  और एनएसएस प्रभारी डॉ0 संजय कुमार ने दो दिन तक चले इस बौद्धिक मंथन को प्रासंगिक बताते हुए नये विचारों को मूर्त रूप देने में उद्यमिता को एक विशिष्ट निवेश बताया जो समाज को नई दिशा देने में सक्षम हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि पहाडी क्षेत्रों में पलायन को रोकने में उद्यमिता व कौशल विकास आर्थिकी की प्रगति को नए पंख देगा। उन्होंने संगोष्ठी के संरक्षक, अतिथिगणों, विशेषज्ञों, आयोजक समिति के सदस्यों,महाविद्यालय परिवार के सदस्यों, प्रतिभागियों, शोधार्थियों और कार्यक्रम में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुडें सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। 

सेमिनार में डॉ0 सोनिया गम्भीर,  डॉ0 शैलजा रावत ,डॉ0 चंदा टी0 नौटियाल,डॉ0 सपना कश्यप, डॉ0 राजपाल रावत, डॉ0 सुधा रानी, डॉ0 सृचना सचदेवा, डॉ नताशा, डॉ0 ईरा सिंह, डॉ0 रश्मि उनियाल, डॉ0 देवेन्द्र कुमार, डॉ0 विजय प्रकाश, डॉ0 संजय सिंह, डॉ0 हिमांशु जोशी, डॉ0 जितेन्द्र नौटियाल, विशाल त्यागी आदि के साथ ही अन्य प्रतिभागी ऑन लाइन उपस्थित रहे।