सी0बी0सी0आई0डी0 के अथक प्रयासों के कारण इसकी विश्वसनीयता मे हुई अभूतपूर्व वृद्वि: मुख्यमंत्री



धनसिंह—समीक्षा न्यूज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर प्रदेश की अपराध शाखा, अनुसंधान विभाग (सी0बी0सी0आई0डी0) की कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरूस्त बनाते हुए उसे और अधिक साधन सम्पन्न बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर प्रदेश की अपराध शाखा, अनुसंधान विभाग को और अधिक चुस्त-दुरूस्त व नवीनतम तकनीकों से लैस किया गया है ताकि इस विभाग द्वारा की जाने वाली विवेचना एवं जांच संबंधी कार्यों में और अधिक गुणवत्ता का समावेश किया जा सके और अपराधियों को अधिकतम सजा दिलायी जा सके।

सी0बी0सी0आई0डी0 के अन्तर्गत मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में सर्विलांस सेल का गठन किया गया है। इसके माध्यम से आपराधिक घटनाओं एवं विवेचनाओं के अनावरण हेतु काल डिटेल्स एवं लोकेशन संबंधी जानकारी प्राप्त की जा रही है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों तथा व्हाट्सअप कॉल से संबंधित डाटा एनॉलिसिस की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। इसके साथ ही इण्टरनेट प्रोटोकॉल डाटा रिकार्ड्स (आई0पी0डी0आर0) डेटा एनॉलिसिस तथा कॉल डायवर्जन समान्तर लिसनिंग की सुविधा भी सर्विलांस सेल को उपलब्ध करायी गयी है।

प्रमुख सचिव, गृह श्री संजय प्रसाद ने आज लोक भवन स्थित कमाण्ड सेण्टर में सम्पन्न एक उच्च स्तरीय बैठक उक्त में जानकारी देते हुये बताया कि इस सर्विलांस सेल को और अधिक अपग्रेड किये जाने संबंधी कार्य योजना भी तैयार कराई गयी है। इसके तहत सी0डी0आर0 एनॉलिसिस साफ्टवेयर, आप्टिकल फाइबर नेटवर्क सहित अत्याधुनिक इण्टरनेट सुविधा, समान्तर लिसिनिंग हेतु व्यवस्था सहित अन्य सभी जरूरी उपकरण व संसाधन उपलब्ध कराये जाने पर विचार किया जा रहा है।

सी0बी0सी0आई0डी0 के अन्तर्गत साइबर सेल की स्थापना भी कराई गई है, जिसकी मदद से साइबर अपराधों संबंधी विवेचनाओं के अनावरण, साइबर मार्फिंग व साइबर स्टॉकिंग संबंधी तथ्यों की जांच की कार्यवाही की जा रही है। इसके माध्यम से सन्दर्भित विवेचना के मध्य आये फिशिंग व आईडेन्टिटी थेफ्ट संबंधी तथ्यों की जांच व घटना में प्रयोग किये गये मोबाइल व लैपटॉप आदि का परीक्षण किये जाने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि शासन द्वारा साइबर सेल को और अधिक अत्याधुनिक संसाधन व जरूरी अन्य उपकरणों आदि की व्यवस्था भी की जायेगी।

स्मार्ट मैनेजमेण्ट सिस्टम के तहत सर्वर आधारित साफ्टवेयर की व्यवस्था सी0बी0सी0आई0डी0 में की गई है जिसके माध्यम से विभाग के अभिलेखों एवं पत्रावलियों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है तथा इसका एक्सेस सेक्टर कार्यालयों व मुख्यालयों दोनों को उपलब्ध है। इस सिस्टम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराये गये पासवर्ड के माध्यम से विभिन्न रैंक के पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा विवेचना व जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। 

एस0एम0एस0 साफ्टवेयर के माध्यम से रियल टाइम विवेचना संबंधी 10 दिवसीय एक्शन प्लान, 30 दिवसीय मासिक प्रगति आख्या एवं अंतिम स्तर पर डी0एफ0आर0 आदि के निर्धारित समय में प्रेषित किये जाने संबंधी तथ्यों को अपग्रेड किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रणाली को और अधिक अद्यावधिक बनाये जाने की दिशा में भी कार्यवाही प्रचलित है।

प्रमुख सचिव, गृह ने सी0बी0सी0आई0डी0 की गुणवत्तापरक विवेचना सुनिश्चित किये जाने के लिये हर संभव प्रयास करने एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के भी निर्देश दिये है। सी0बी0सी0आई0डी0 के सभी 9 सेक्टरों द्वारा किये जा रहे कार्यो में हुई प्रगति की गहन समीक्षा की गई है। चार्जशीट वाले प्रकरणों में अपराधियों को अधिकतम सजा दिलाये जाने के लिये भी गम्भीरता से प्रयास किये जाने के लिये सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया है। कभी-कभी घटना घटित होने के लम्बे समय के बाद विवेचना सी0बी0सी0आई0डी0 को मिलने के कारण फांरेसिंक साक्ष्य जुटाने में कठिनाई आती है किन्तु उसके बावजूद भी उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभिलेखों आदि के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ विवेचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुये उनका निस्तारण किया जाता है। सी0बी0सी0आई0डी0 के इन अथक प्रयासों के कारण अब इसकी विश्वसनीयता मे भी अभूतपूर्व वृद्वि हुई है।