समाज की अदम्य शक्ति हैं दिव्यांगजन, मुख्य धारा से जोड़कर दिलायेंगे सम्मान -मंत्री नरेन्द्र कश्यप



नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों के जीवन को खुशहाल बनाने के अनेक प्रयास किये जा रहे है। दिव्यांगजनों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। दिव्यांगजनों को उच्च शिक्षा प्रदान करने में डॉ0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश सरकार प्रत्येक दिव्यांगजन को शिक्षित एवं स्वावलम्बी बनाने पर जोर दे रही है। प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ पात्र दिव्यांगजनों को ही मिले इसके लिए यूआईडी कार्ड तथा आधार सीडिंग का कार्य किया जा रहा है। सरकारी भवनों एवं संस्थाओं को दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाया जा रहा है। उक्त बातें प्रदेश के दिव्यांगजन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने विश्व दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगजनों को राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में कही।

दिव्यांगता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान करने वाले कुल 23 व्यक्तियों व संस्थाओं के साथ शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 में हाईस्कूल में 80 एवं इण्टरमीडिएट में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 34 विद्यार्थियों को दिव्यांगता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ के अटल आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत दिव्यांगजनों को भरण-पोषण अनुदान 300 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार शीघ्र ही भरण पोषण अनुदान की धनराशि बढ़ाने पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की बाधा या मुश्किल को दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा निरन्तर दूर किया जा रहा है।

दिव्यागजन मंत्री ने दिव्यांग दिवस पर पुरस्कृत हुए वे दिव्यांग छात्र-छात्राओं एवं व्यक्तियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपनी प्रतिभा का इसी तरह प्रदर्शन करते रहें, जिससे हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर सकें। उन्होंने दिव्यांगजनों द्वारा दिव्यांग दिवस पर बनाये गये उत्पादों के स्टॉलों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्टॉल में दिव्यांगजन बच्चों द्वारा अपने उत्पादों एवं कला का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग दिवस का दिन दिव्यांगजनों के लिए कुछ करने एवं उनके जीवन में उजाला लाने का दिन है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के हितों के लिए हमेशा तत्पर तथा दिव्यांगजनों के पुनर्वास हेतु संकल्पबद्ध है। सरकार की योजनाओं को दिव्यांगजनों तक पहुंचाने के लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग एक सेतु काम कर रहा है।

दिव्यांगजन मंत्री ने कहा कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के अन्तर्गत प्रतिमाह 3000 रूपये दिये जा रहे हैं। दिव्यांजनों को मुख्य धारा से जोड़ने हेतु कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना तथा निःशुल्क मोटराईज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की योजना संचालित है। उ0प्र0 सरकार दिव्यांगजनों से शादी करने पर पुरस्कार राशि भी उपलब्ध कराती है। सरकार दिव्यांगजनों को स्वावलम्बी बनाने के लिए दुकान निर्माण व संचालन योजना के अन्तर्गत अपनी खुद की दुकान चलाने हेतु राशि उपलब्ध कराती है एवं दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्या योजना के अन्तर्गत श्रवणवाधित बच्चों के कॉक्लियर इम्प्लान्ट हेतु 6 लाख रूपये का अनुदान की व्यवस्था भी है। उ०प्र० राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है।

दिव्यांगजन मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन को सहयोग हेतु राज्यनिधि की व्यवस्था की गयी है। दिव्यांगजन हेतु विशेष विद्यालय ममता, स्पर्श, संकेत, प्रयास का संचालन किया जा रहा है तथा बचपन डे केयर सेन्टर व दिव्यांगजनों को सामान्य धारा में लाने हेतु समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना व विश्वस्तरीय डॉ० शकुन्तला मिश्रा, राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ का संचालन किया जा रहा है। उ0प्र0 के लिए यह हर्ष का विषय है कि दिव्यांगजनों को खेल के प्रति बढ़ावा देने हेतु प्रदेश में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का इण्डोर स्टेडियम भी उपलब्ध है।

अपर मुख्य सचिव दिव्यांगजन हेमन्त राव द्वारा कार्यक्रम में आये विशिष्ट अतिथियों का स्वागत सम्बोधन किया तथा विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन निदेशक सत्य प्रकाश पटेल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ0 शकुन्तला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ0 राणा कृष्ण पाल सिंह, विशेष सचिव एव राज्य आयुक्त दिव्यांगजन अजीत कुमार सहित अन्य अधिकारीगण तथा दिव्यांगजन छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।