शासनादेश के अनुसर निर्धारित समय अवधि में प्रयोजन पूर्ति न करने वाली इकाईयो की बैंक गारण्टी होगी जब्त: श्रीनाथ पासवान



गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2012, 2017 एवं एम0एस0एम0ई0 नीति 2022 के अन्तर्गत आपको नई औद्योगिक इकाई की स्थापना एवं उत्पादन करने के लिये आवंटित भूखण्ड के पटटा विलेख के समय 100/75/50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ दिया गया था। नीति एवं शासनादेशों के अन्तर्गत दिये गये निर्देशो के क्रम में स्टाम्प शुल्क छूट की धनराशि के सापेक्ष बैंक गारण्टी आयुक्त स्टाम्प, उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी, गाजियाबाद के पक्ष में बन्धक रखी गयी है।  शासनादेश में निर्धारित प्राविधानो के अनुरूप स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ प्रयोजन पूर्ति किये जाने पर ही प्राप्त होना है तभी बैंक गारण्टी अवमुक्ति की जा सकेगी। शासनादेश के अनुसार इकाई एवं प्रमाणीकरण संस्था के मध्य किये गये अनुबन्ध में प्रस्तावित प्रयोजन पूर्ति की तिथि अथवा अधिकतम 05 वर्षो में प्रयोजन पूर्ति कर ली जानी चाहिये।

अतः ऐसी समस्त इकाईयॉ जिनके द्वारा उक्त योजना में लाभ प्राप्त किया गया है एवं प्रयोजन पूर्ति नही की गयी है एवं बैंक गारण्टी की अवधि समाप्त हो गयी है अथवा प्रयोजन पूर्ति कर ली गयी है परन्तु बैंक गारण्टी अवमुक्ति हेतु आवेदन नही किया गया है परन्तु ऐसी समस्त इकाइयॉ जिनके द्वारा पाचॅ वर्ष पूर्ण हो जाने के उपरान्त भी प्रयोजन पूर्ति नही की गयी है, कि बढी हुई बैंक गारण्टी स्वीकार नही की जायेगी तथा जब्ती हेतु कार्यवाही की जायेगी। अतः प्रयोजन पूर्ति की जाने वाली  इकाईयो  को एक अन्तिम अवसर प्रदान करते हुये एक माह के अन्दर बैंक गारण्टी अवमुक्ति हेतु आवेदन अथवा आश्यकतानुवार बैंक गारण्टी की वैद्यता अवधि बढा कर जमा करने का अवसर दिया जाता है।  परन्तु प्रयोजन पूर्ति के 05 वर्षो के उपरान्त बढी हुई बैंक गारण्टी स्वीकार नही की जायेगी। आवेदन अद्योहस्तक्षरी के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में जमा किया जा सकता है।  अन्यथा कि दशा में एक माह उपरान्त इकाई द्वारा बन्धक हेतु प्रस्तुत बैक गारण्टी को जब्त करने हेतु संस्तुति कर दी जायेगी, जिसका समस्त उत्तदायित्व इकाई का स्वंय का होगा।


(श्रीनाथ पासवान)

उपायुक्त उद्योग

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उ़द्यमिता विकास केन्द्र, गाजियाबाद

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