जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने किया गांव मोरटी में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का उद्घघाटन






- बच्चों द्वारा जिलाधिकारी व सीडीओ का किया गया वेलकम, बच्चों की प्रतिभा व अनुशासन को सराहा

- डीएम ने छोटे बच्चों को अपने हाथों से दिया पोषक आहार, गले में डाली फूलों की माला, स्कूली बच्चों से की वार्तालाप

- जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर खुश हुए बच्चे, पुष्प देकर किया स्वागत, डीएम ने भी बच्चों को लगाया तिलक

गाजियाबाद। जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह रजापुर ब्लॉक के गांव मोरटी में टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से बनाए गए आंगनबाड़ी केंद्र मोरटी को उदघाटन करने पहुंचे थे। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल भी थे। जैसे ही दोनों अधिकारी गांव मोरटी के प्राइमरी विद्यालय परिसर में बनाए गए बेहद सुंदर आंगनबाड़ी केन्द्र के गेट पर पहुंचे तो स्कूली बच्चों की टोली उनके स्वागत में खड़ी थी। स्कूली बच्चों द्वारा दोनों अतिथियों का वेलकम किया गया और दोनों अतिथियों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने बच्चों द्वारा किए गए वेलकम की सराहना की। जिलाधिकारी नवनिर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र का उद्घाटन किया। यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत और अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आंगनबाड़ी केन्द्र में लाभार्थी महिलाएं, छोटे बच्चे और स्कूली छात्रों के अलावा स्कूल का स्टाफ व गणमान्य लोग मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों के बीच पहुंचे तो पूरी तरह उनमें घुल मिल गए। बच्चों से एक अभिभावक की तरह घुले मिले जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने बच्चों के माथे पर तिलक लगाया और दुलार किया। जिलाधिकारी महोदय ने बच्चों से उनका नाम और स्कूली शिक्षा के बारे में पूछा। बच्चों के अनुशासन और उनकी प्रतिभा को देखकर प्रशंसा की। जिलाधिकारी महोदय को टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र के भवन व उसकी गुणवत्ता और शासन के नक्शे के अनुरूप निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी केन्द्र में 3 से 6 वर्ष के बच्चों व उनकी माताओं के बैठने की व्यवस्था, बच्चों को खेल-खेल में शिक्षित करने के लिए पूरी व्यवस्था की गई। आंगनबाड़ी केन्द्र में एक कक्ष रसोईघर, भंडार गृह एवं शौचालय का निर्माण किया गया है। बच्चों के कक्ष में पेंटिंग इस तरह से की गई कि बच्चों को बिना किसी किताब, कॉपी, पेंसिल के आसानी से पढ़ाया जा सके। आंगनबाड़ी केन्द्र से बच्चों को केन्द्र प्रभारी और स्टाफ द्वारा इतना ज्ञान कराया जा सकता है कि ताकि उन्हें प्राइमरी स्कूल में पढ़ने के दौरान शिक्षा ग्रहण करने में कोई दिक्कत पेश न आए। बच्चों को दिए जाने वाले पोषक आहार के बारे में भी जिलाधिकारी महोदय ने जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषक आहार में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी महोदय ने छोटे बच्चों को चम्मच से पोषक आहार खिलाया और गोद भराई, मातृ बैठक आयोजित की गई। महिलाओं को फलों की टोकरी दी गई। जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह की नजर जब बच्चों के गले में हाथ से बने हुए आईकार्ड पर पड़ी तो उन्होंने उसे गौर से देखा और इसकी भी प्रशंसा की। जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यह अनूठी पहल है, उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों को रचनात्मक कार्य भी कराए जाएं और उन्हें सिखाया भी जाए कि किस तरह हम कम समय में अच्छे से अच्छा कार्य कर सकते हैं। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि वार्ष्णेय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष मिश्रा, टाटा फाउंडेशन से सुमन एवं उनकी टीम, बेसिक शिक्षा अधिकारी, विद्यालय के प्रिंसिपल एवं अध्यापक और सीडीपीओ शारदा, पूनम शर्मा, विनीता, रेखा, रानी व आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका उपस्थित रहीं।

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